27जेएनडी32 : नागरिक अस्पताल सफीदों में पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे ग्रामीण। संवाद
सफीदों। गांव मुआना के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मरने वाले तीनों युवक मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। तीनों में से नसीम की दो साल पहले शादी हुई थी। उसका आठ माह का बेटा है। एक साथ तीन युवकों की अर्थियां उठने से गांव में मातम मातम छाया हुआ है। शवों को दफनाने के दौरान कोई भी ग्रामीण ऐसा नहीं था, जिनकी आंखों में आंसू नहीं था।
कुछ महीने पहले 23 वर्षीय नसीम को मुआना के पास हैचरी में काम मिला था। उसने अपने छोटे भाई 18 वर्षीय नजीम को भी वहीं पर काम दिलवा दिया था। 19 वर्षीय साहिल भी इनके ही परिवार से था, इसलिए उसको भी इन दोनों ने हैचरी में काम दिलवाया था। गांव अंटा से मुआना हैचरी 16 किलोमीटर दूर है, इसलिए तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर जाते थे। तीनों ने एक ही बाइक पर जाने के लिए रात की ड्यूटी चुनी थी। शुक्रवार रात को भी तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर जा रहे थे तो यह हादसा हो गया और तीनों असमय ही काल के गाल में समा गए।
नसीम व नजीम के भाई रसीद ने बताया कि नसीम की शादी अभी दो साल पहले ही हुई थी। शादी के बाद अभी परिवार में आठ माह पहले लड़का होने पर खुशी मनाई गई थी। नसीम व नजीम दोनों भाई ही परिवार का हैचरी में काम करके पालन-पोषण कर रहे थे। माता-पिता भी मजदूरी करते हैं। ऐसे में दोनों भाइयों की मौत से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। नसीम की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं साहिल के भाई सोयब ने बताया कि उसके पास रात को हैचरी मालिक का फोन आया था। उसने कहा कि अभी तक वह तीनों हैचरी नहीं पहुंचे तो उसने साहिल को फोन किया। वह फोन किसी अज्ञात व्यक्ति ने उठाया और बताया कि उनका भाई हादसे का शिकाय हो गया है। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे थे।
पूरे गांव में नहीं जला चूल्हा
तीन जवान युवकों की मौत से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। रात को हादसे की जानकारी होते ही सुबह पूरा गांव शवों का पोस्टमार्टम करवाने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंच गया। पूरे गांव में सुबह के समय किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। हर ग्रामीण की आंखों से आंसू निकल रहे थे।
27जेएनडी32 : नागरिक अस्पताल सफीदों में पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे ग्रामीण। संवाद