संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। डिटेक्टिव स्टाफ पर फायरिंग करने के मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। तीनों आरोपी घटना के बाद से ही नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन थे।
16 मई को डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज निरीक्षक मनीष कुमार को सूचना मिली थी कि तीन युवक अवैध हथियारों के साथ किसी वारदात की फिराक में ईक्कस बाईपास नहर पटरी के पास खेतों में शराब पी रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मी समरजीत बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के कारण बाल-बाल बच गए, जबकि दो गोलियां जैकेट में लगीं और एक गोली पुलिस वाहन में लगी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस फायरिंग के दौरान किलोई निवासी भगत के दाहिने पैर में, ढिगाना निवासी अक्षय के बाएं पैर में गोली लगी, जबकि तीसरा आरोपी अंकित (करेला) भी घायल हो गया। तीनों को गिरफ्तार कर नागरिक अस्पताल जींद में भर्ती कराया गया था।
मौके से एक 32 बोर देसी पिस्तौल और एक 32 बोर विदेशी पिस्तौल बरामद की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।