संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सफीदों विधायक रामकुमार गौतम की ओर से दिए गए बयान को लेकर बुधवार को ब्राह्मण धर्मशाला में ब्राह्मण समाज से लोगों की पंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता रामराये संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्रधान ऋषिकांत शर्मा ने की।
करीब पांच घंटे चली पंचायत में निर्णय लिया कि ब्राह्मण और जाट समाज सदियों से एक-दूसरे के पूरक है। इनका जो जुड़ाव है वह चंद लोगों की क्रिया-प्रतिक्रियाओं से नहीं टूटेगा। पंचायत में पहुंची तमाम खापो, तपो, सभाओं और समितियों से जुड़े प्रतिनिधियों ने विस्तृत चर्चा करने के बाद एक 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया।
कमेटी ने निर्णय लिया कि ब्राह्मण समाज जातीय जहर को रोकने के लिए हर संभव कार्य करेगा। यदि ब्राह्मण समाज का कोई व्यक्ति भाईचारा खराब करने के लिए अमर्यादित शब्द बोलता है तो उसको दंडित किया जाएगा। समाज में भाईचारा किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
36 बिरादरी के बीच जो मेलजोल चलता रहा है वह बरकरार रहे। इसके लिए सामाजिक लोग हमेशा आगे आते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जाट समाज के जो लोग खापो, तपो और सभाओं के प्रतिनिधि है वे भी उन लोगों पर अकुंश लगाएं, जो क्रिया-प्रतिक्रिया से भाईचारे पर आंच पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
ऋषिकांत शर्मा ने कहा कि चंद ही लोग ऐसे होते है जो भाईचारा खराब करने का प्रयास करते है लेकिन समाज में समरसता बनाए रखने के लिए प्रबुद्व लोगों की बड़ी भीड़ है जो कभी भी भाईचारे को खराब नहीं होने देगी। राजेश गौत्तम को कमेटी के सचिव की जिम्मेदारी दी गई।
सफीदों विधायक रामकुमार गौतम को लेकर वक्ताओं ने कहा कि उनका बयान राजनीतिक था। इसमें समाज को कतई नहीं घसीटना चाहिए। इसके बावजूद विधायक रामकुमार गौतम ने एक नहीं दो-दो बार अपने बयान को लेकर खेद प्रकट किया है। इस अवसर पर पंचायत में थुआ तपा के प्रधान सोमदत्त शर्मा, पूर्व प्रधान एवं कंडेला खाप के उपप्रधान रघुबीर भारद्वाज, शियाराम शास्त्री, रामफूल शर्मा, हरिराम दीक्षित, जुलाना सभा प्रधान देवेंद्र शर्मा व अन्य मौजूद रहे बलवान दीक्षित मौजूद रहे।