सफीदों। क्षेत्र में हर दिन कहीं न कहीं से हादसे होते रहते हैं। इनके पीछे वाहन चालकों की गलती के साथ-साथ सड़कों की बदहाल व्यवस्था है। सबसे बड़ी दिक्कत सड़कों की साइड में जगह नहीं होना है। लिंक मार्गों की स्थिति तो और अधिक खराब है। किसानों ने सड़कों के किनारे वाली जगह खेतों में मिला ली है। क्षेत्र की सड़काें पर संकेतक बोर्ड पूरी तरह से सुनिश्चित नहीं है, जिसके कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सर्दी व कोहरे का मौसम शुरू हो चुका है। इस मौसम को देखते हुए इस दिशा में ओर अधिक तेजी से कार्य करने की जरूरत समझी जा रही है। क्षेत्र के संकेतक या तो है नहीं और यदि हैं तो वे धूमिल पड़ चुके हैं। इसके अलावा काफी संकेतक पेड़ों की शाखाओं में छिप गए हैं। संकेतकों के अभाव में हाइवे और संपर्क मार्गों पर वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे हो या लिंक मार्ग, उन पर अंधे मोड़ कोहरे में जानलेवा साबित हो सकते हैं। तीव्र मोड़ से पहले सड़क के दोनों तरफ संकेत लगाने का नियम है, लेकिन क्षेत्र में ज्यादातर सड़कों पर संकेतक नहीं हैं। ऐसे तीव्र मोड़ पर कोहरे में बड़े हादसे होने की संभावना बनी रहती है। वर्तमान मौसम को देखते हुए विभाग को सड़कों का मुआयना करके सभी मोड़ पर संकेत बोर्ड लगाने की जरूरत है। इसके अलावा मोड़ और सड़कों के बीच में रेडियम पट्टी व सड़क के दोनों तरफ पेड़ों पर रिफ्लेक्टर लगाने की जरूरत है।
बॉक्स
शहर की सड़कों पर भी नहीं लगे संकेतक
शहर के हाट रोड, विश्वकर्मा मंदिर व पुरानी चुंगी के अंधे मोड़ के पास कोई संकेतक नहीं है। जींद रोड पर गांव रत्ताखेड़ा मोड़ के पास संकेतक नहीं है। वहां पर लगाए गए स्वागत द्वार पर लगे नामकरण पत्र उड़ गए हैं। गांव सिल्लाखेड़ी के पास संकेतक तो लगा है, लेकिन वह सड़क से काफी दूर है और पेड़ की टहनी के नीचे छिप गया है। संकेतक में बताया गया है कि यह दुर्घटना प्रभावित क्षेत्र है और यह अनेक हादसे हो चुके हैं। सफीदों बाईपास पर गांव रामपुरा के अलावा जींद रोड पर गांव सिंघाना मोड़ के पास संकेतक पेड़ की टहनी से ढका हुआ है। वाहन चालक को कुछ भी दिखाई नहीं देता। सफीदों-असंध बाईपास की बात करें तो वहां पर लगाए गए मार्गदर्शक बोर्ड पूरी तरह से खाली है और लोगों ने उसके ऊपर अपने प्रचार फलेक्स लगाने शुरू कर दिए हैं। सफीदों-जींद सड़क मार्ग पर आदि शंकराचार्य स्कूल के पास लगा संकेतक झुका हुआ है और उस पर धूल जमी हुई है।
वर्जन
सड़कों पर सफेद पट्टी लगाने का कार्य चल रहा है। वहीं, सड़कों के किनारे लगे संकेतकों की भी सुध ली जा रही है। संकेतकों के आसपास टहनियों को हटाया जाएगा और उनकी साफ-सफाई करवाई जाएगी।
-आरके नैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर जींद
23जेएनडी10-सिंघाना गांव के पास पेड़ों के बीच छिपा हुआ संकेतक। संवाद
23जेएनडी10-सिंघाना गांव के पास पेड़ों के बीच छिपा हुआ संकेतक। संवाद