जींद। जिले में बागवानी विभाग लगातार बागवानी की फसलों के लिए किसानों को जागरूक करने का काम कर रहा है। इस बार जिले में 209 हेक्टेयर में बाग लगाने का विभाग को लक्ष्य मिला है। इसके लिए जिला बागवानी अधिकारी किसानों को गांवों में जाकर जागरूक भी कर रहे हैं। इसके अलावा पहले लगाए गए बागों का निरीक्षण कर उनमें जरूरत के अनुसार पोषण सामग्री डलवाने के लिए किसानों को समझा रहे हैं।
पिछले लगभग दस वर्ष में बागवानी विभाग जिले में दो हजार एकड़ में बाग लगवा चुका है। इस बार विभाग को 100 हेक्टेयर में अमरूद, 84 हेक्टेयर में नींबू वर्गीय बाग, चार हेक्टेयर में बेर, चार हेक्टेयर में आंवला, दो हेक्टेयर में चीकू व 15 हेक्टेयर में आड़ू लगवाने का लक्ष्य मिला है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग ने किसानों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर किसानों को बाग लगाने पर अनुदान दिया जाएगा।
नींबू वर्गीय बाग लगाने पर किसानों को 32500 रुपये प्रति हेेक्टेयर का अनुदान मिलेगा, जबकि अमरूद और अन्य तरह के पौधों का बाग लगाने पर किसानों को प्रति हेक्टेयर 43 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। इसके लिए बागवानी विभाग के अधिकारी लगातार हर खंड में गांवों में जाकर किसानों को बागवानी की फसलों से परंपरागत फसलों की अपेक्षा होने वाले लाभ की जानकारी दे रहे हैं, ताकि किसान परंपरागत खेती को छोड़कर बागवानी की खेती अपनाएं और कम जमीन में अधिक मुनाफा प्राप्त करें। इससे किसान की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
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लहसुन और मैथी पर भी दिया जा रहा अनुदान
बागवानी विभाग को इस बार 50 एकड़ में लहसुन लगाने का लक्ष्य मिला है। इसमें किसान को एक एकड़ में 30 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। एक किसान अधिकतम दस एकड़ में लहसून लगाकर अनुदान का लाभ ले सकता है। इसके अलावा 25 एकड़ में मैथी लगाने पर विभाग प्रति एकड़ 15 हजार रुपये का अनुदान देगा। इसके लिए भी किसानों से आवेदन मांगे हैं।
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पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर किसानों को मिलेगा लाभ
इस बार विभाग को 209 हेक्टेयर में बाग लगाने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए किसानों से आवेदन मांगे हैं। गांवों में जाकर पहले लगाए बागों की जांच व किसानों को नए बाग लगाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
-अजय कुमार, जिला बागवानी अधिकारी जींद।