30जेएनडी15: अर्जुन स्टेडियम में तैयार किए गए रावण के परिवार के पुतले। स्रोत : आयोजक
जींद। शहर में दशहरा पर्व पर दो अक्तूबर को अर्जुन स्टेडियम और रेलवे जंक्शन ग्रांउड में रावण, कुंभकर्ण, मेघनाथ का दहन किया जाएगा। अर्जुन स्टेडियम में जलाए जाने वाले रावण के पुतले की ऊंचाई 50 फीट रहेगी।
रावण, कुुंभकरण और मेघनाथ के पुतले तैयार करने वाले कलाकार खैरेती शर्मा, संजय शर्मा, बिरजू, अजय शर्मा, रेखा शर्मा और मंगली शर्मा का कहना है कि इस बार कुंभकरण के सिर पर सींग लगाए गए हैं। आंखें लाल रहेंगी जो अंधेरा होने पर चमकेंगी। पिछली बार की तरह रावण की आंखेंं और मुंह चलता हुआ दिखाई देगा लेकिन इस बार रावण के पुतले की ऊंचाई पांच फीट ज्यादा की गई है।
पुतलों में आतिशबाजी का प्रयोग किया जाएगा। पुतलों पर करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च आया है। रावण दहन कार्यक्रम के दौरान मेले का भी आयोजन किया जाएगा। वहीं दशहरा पर्व को लेकर बाजार गुलजार हैं। दो अक्तूबर को रावण दहन होगा। फिलहाल कलाकार भी रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों को फाइनल टच दे रहे हैं।
विरासत में मिला पुतले बनाने का कार्य
श्याम नगर निवासी 76 वर्षीय खैरेती लाल ने बताया कि रावण परिवार के पुतले बनाने का काम विरासत में मिला है। उनके पिता व दादा पुतले बनाने का काम करते थे। समय के साथ इस कला में बदलाव भी आया है। परिवार के छह सदस्य पिछले 40 दिन से पुतले बनाने में लगे हुए हैं। पुतलों के दहन को लेकर खैरेती लाल ने कहते हैं कि उन्हें मेहनत के बदले रुपये तो मिलते हैं लेकिन मेहनत को जलता देख दर्द भी होता है। बुराई का रूप जलाए जाने पर दिल को दिलासा मिलती है। वह पिछले लगभग डेढ़ महीने से पुतले तैयार करने में लगे हुए हैं। तीनों पुतलों को तैयार करने पर लागत लगभग डेढ़ लाख रुपये आई है। इस बार तीनों पुतले के जूतों के आकार में भी बदलाव किया गया है। तीनों पुतलों के जूते बड़े हैं। रावण के पैर काले रंग, कुंभकरण के पैर पीले रंग और मेघनाथ के पैर गुलाबी रंग के तैयार किए गए हैं।