जींद। शहर के एक निजी होटल में संविधान बचाओ, समाज बचाओ आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक अनिल रंगा ने की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान लोगों ने केक काटकर बसपा संस्थापक साहब कांशीराम को याद किया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
अनिल रंगा ने कहा कि कांशीराम ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बहुजन समाज को संगठित करने और उन्हें राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अथक संघर्ष किया। उनके प्रयासों से ही देश में सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई को नई दिशा मिली।
उन्होंने कहा कि कांशीराम ने अपने विचारों और संघर्ष के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया कि शिक्षा, संगठन और संघर्ष के रास्ते पर चलकर ही सामाजिक परिवर्तन संभव है। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों को जागरूक कर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग किया और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि कांशीराम केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के महान योद्धा थे। उन्होंने बहुजन समाज को आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी। आज के समय में उनके विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं क्योंकि समाज में समानता और न्याय की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि हमें कांशीराम के आदर्शों को अपनाकर समाज में जागरूकता फैलाने और संविधान की मूल भावना को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए। इस अवसर पर अधिवक्ता देशराज सरोहा, धर्मवीर भुक्कल, डॉ. सुखवीर भावड़, मुकेश राठी, प्रो. रविंद्र, अधिवक्ता संदीप भुक्कल, मा. रमेश, दयानंद ग्योंग, प्रो. मुकेश निंबल, सुरेंद्र भारतीय, मलखान सिंह, मुकेश ग्रोवर, रवि कठवाड़, देवेंद्र सांघी, राजेश सिंहमार, मंगत गिल मौजूद रहे।