करनाल में किसानों पर हुई लाठीचार्ज के बाद जिले के किसानों ने पुलिस व सरकार के खिलाफ उग्र रूप अपना लिया है। शुक्रवार को भाजपा जिला कार्यालय में पानीपत के ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा द्वारा कार्यकारिणी की बैठक करने की सूचना मिलने पर किसान खटकड़ टोल से आकर कार्यालय को घेर लिया। किसानों के आने की सूचना पुलिस को पहले ही मिल गई थी, जिसकी वजह से कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग कर दी थी। दोपहर साढ़े बजे पहुंचे किसानों ने 30 सेकेंड में बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और पुलिस को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया।
पहुंचते ही किसानों ने सबसे पहले पुलिस की बेरिकेटिंग को तोड़ दिया। उन्हें डर था कि पुलिस उन पर बल प्रयोग कर सकती है। इसलिए वे अपने साथ लाठी-डंडे लेकर आए थे। विधायक का विरोध करने के लिए किसान कार्यालय के बाहर डटे रहे। पुलिस ने कई बार विधायक और किसानों के बीच बातचीत करवा कर ढांडा को वहां से निकालने का प्रयास किया, पर उनकी बात नहीं बनी। शाम चार बजे ढांडा ने पांच किसान नेताओं को अंदर बुलाकर उन्हें आश्वासन दिया कि वह कार्यालय के गेट पर खड़े होकर किसानों से माफी मांग लेंगे और दोबारा से जींद में पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में नहीं आएंगे। इसके लिए किसानों ने शर्त रखी की वह सभी किसानों के सामने कार्यालय के गेट पर हाथ जोड़कर माफी मांगे। इस पर उन्होंने सहमति जताई। उन्होेंने कार्यालय के गेट से किसानों को हटाकर बाहर निकलने का रास्ता मांगा। इसके बाद विधायक अंदर से पुलिस की गाड़ी में सवार होकर बाहर आए और बिना माफी मांगे चले गए। इससे नाराज किसानों ने जमकर नारेबाजी की।
विधायक के माफी नहीं मांगने पर पुलिस और किसानों में हुई झड़प
जब विधायक महिपाल ढांडा किसानों को आश्वासन देने के बाद भी माफी मांगे बिना निकल गए तो किसानों ने उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए गाड़ी पर लकड़ी व डंडे फेंकने का प्रयास किया। लेकिन विधायक वहां से निकलने में सफल रहे। किसानों को रोकने का पुलिस ने प्रयास किया तो उनकी पुलिस के साथ झड़प भी हुई।
एसपी, एएसपी, चार डीएसपी व जिलेभर के थाना प्रभारी रहे मौजूद
किसानों का उग्र रूप देखकर पुलिस अधीक्षक, एएसपी, चार डीएसपी तथा जिलेभर के थाना प्रभारियों ने कड़ी मशक्कत की। लेकिन किसानों का जोश कम नहीं हुआ। हर बार पुलिस को ही किसानों के दबाव में पीछे हटना पड़ा। इसके अलावा एक टुकड़ी पैरा मिलिट्री की भी बुलानी पड़ी। इस तरह विधायक को निकालने के तमाम प्रयास किए गए। पुलिस ने किसानों को पीछे हटाने के लिए कई बार प्रयास किए। कई बार बैरिकेडिंग की, जिसको किसानों ने कुछ पल में ही तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने अपनी गाड़ियों को लाइन में खड़ी कर बैरिकेडिंग बनाकर किसानों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके।
किसानों और विधायक की मध्यस्थता करवाने के लिए एसएसपी ने किए तमाम प्रयास
किसान नेताओं व विधायक के मध्य बात करवाने के लिए एसएसपी वसीम अकरम ने तमाम प्रयास किए, लेकिन दोनों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते एसएसपी ने विधायक की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए खुद ही सभी प्रकार की प्लानिंग तैयार कर उनको वहां से निकाला।
आज किसान भाजपा कार्यालय के सामने देंगे धरना
विधायक द्वारा माफी मांगने के नाम पर गुमराह करके निकलने से गुस्साए किसानों ने भाजपा कार्यालय के बाहर धरना देने का निर्णय लिया है। शनिवार सुबह किसान भाजपा कार्यालय के बाहर धरना देंगे।
पुलिस और किसानों के बीच चल रही झड़प। संवाद- फोटो : Jind
पुलिस द्वारा की गई भाजपा कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग को तोड़ते किसान। संवाद- फोटो : Jind