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करंट लगने से युवक की मौत, चिकित्सक के ड्यूटी पर नहीं होने का आरोप लगा युवकों ने की तोड़फोड़

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दनौदा खुर्द गांव में रविवार देर रात करंट लगने से एक किशोर की मौत हो गई। आनन-फानन में परिजन उसे नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां तब इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक नहीं मिलने पर साथ आए युवकों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि अगर इमरजेंसी में मौके पर चिकित्सक होता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी, जबकि चिकित्सक का कहना है कि किशोर की नागरिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। अस्पताल में उसे मृत घोषित करने से युवकों का गुस्सा फूट गया। इमरजेंसी सहित अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ कर दी। सूचना मिलते ही शहर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने पुलिस के साथ भी बदसलूकी की। पूरी रात नागरिक अस्पताल में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने चिकित्सक की शिकायत पर सरकारी काम में बाधा, तोड़फोड़ करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में 30-40 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
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क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि दनौदा खुर्द गांव के 17 वर्षीय कर्ण सिंह की करंट लगने से मौत हो गई। उनके परिवार में कार्यक्रम था और कार्यक्रम के दौरान डीजे बज रहा था। कर्ण बिजली की तारों को जोड़ रहा था तो उसे जेनरेटर का करंट लगा। परिजन आनन फानन में कर्ण को नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। सूचना मिलते ही शहर पुलिस मौके पर पहुंची तो युवकों ने पुलिस के साथ भी बदसलूकी की।
युवकों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और बिल्डिंग के शीशे तोड़ दिए। इमरजेंसी वार्ड के सभी शीशे और चिकित्सक की मेज पर रखे शीशे को भी तोड़ दिया। चिकित्सकों ने सोमवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया। दनौदा चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। शहर पुलिस ने नागरिक अस्पताल के चिकित्सक सन्नी की शिकायत पर सरकारी काम में बाधा, तोड़फोड़ करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में 30-40 युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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चिकित्सक की जगह कंपाउंडर था ड्यूटी पर
रविवार देर रात तोड़फोड़ के बाद सोमवार सुबह नागरिक अस्पताल में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस पोस्टमार्टम कार्रवाई कर मामले को निपटाने की कोशिश में लगी रही। अस्पताल में मौजूद परिजनों ने बताया कि रविवार देर रात इमरजेंसी वार्ड में कोई भी चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं था सिर्फ एक कंपाउंडर ड्यूटी पर था। जिसने युवक की कोई सुध नहीं ली।
समय पर इलाज मिल जाता तो बच जाती कर्ण की जान
युवक के चाचा कुलदीप ने बताया कि कई बार कहने के बाद भी चिकित्सक नहीं आया। देरी होने के कारण कर्ण की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि अगर समय पर इलाज हो जाता तो जान बच सकती थी। परिजनों ने गैर हाजिर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
इमरजेंसी में चिकित्सक ड्यूटी पर था। किशोर की मौत पहले ही हो चुकी थी। जब उसे मृत घोषित किया गया तो उसे इलाज के लिए अस्पताल में लाए युवकों ने हंगामा खड़ा कर दिया। युवकों ने उत्पात मचाया और अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की। यह पूरी घटना यहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।
देवेंद्र बिंदलिस, एसएमओ।
सार्वजनिक परिसर में तोड़फोड़ करना अपराध है। पुलिस चुनाव होने के कारण व्यस्त हैं। अस्पताल में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच होगी। चिकित्सक की शिकायत पर 30-40 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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-यादराम शहर थाना प्रभारी।
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