जींद। एडिशनल सेशन जज शिफा की अदालत ने बंधक बनाकर यौन शोषण करने के मामले में तीन आरोपियों को बरी कर दिया। मामले में पीड़िता अपने बयान से मुकर गई और बोली कि आरोपियों ने कोई अपराध नहीं किया है।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार दो सितंबर 2022 को मूल रूप से नेपाल निवासी एक महिला ने सदर पुलिस नरवाना को एफआईआर में बताया था कि वह सदर थाना जींद इलाके के एक गांव में परिवार सहित हैचरी पर मजदूरी करती है। 21 अगस्त को बोहतवाला गांव की महिला सुलोचना ने उसे अपने घर बुलाकर दो दिन तक उसे अपने घर में रखकर अच्छा काम दिलाने का झांसा दिया।
22 अगस्त की रात को फतेहाबाद जिला के मधुआना निवासी दलबीर गाड़ी लेकर गांव के बस अड्डा पर आया और उसे हैचरी में छोड़ने की बात कही। आरोपी उसे हैचरी में छोड़ने की बजाय अपने साथ गांव खरड़वाल ले गया और पांच दिन तक उसे बंधक बना दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी उसे जींद के लिए बस में बैठा दिया।
घटना के बारे में किसी को बताने पर बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। इस मामले में सदर थाना पुलिस ने दलबीर, बलिंद्र और सुलोचना के खिलाफ बंधक बनाने, यौन शोषण करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज जांच शुरू कर दी थी।
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सबूत जुटाकर अदालत में पेश किए। तभी से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। अब पीड़िता अदालत में अपने बयानों से मुकर गई। इस पर एडिशनल सेशन जज शिफा की अदालत ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया है।