08जेएनडी09-चित्रकला के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ सरकार की निणार्यक कार्रवाई को दिखाते हुए। स्र
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जींद। कला केवल रंगों और आकृतियों की साधना नहीं होती, अपितु यह समाज का प्रतिनिधित्व करती है। यह एक ऐसा दर्पण है जो समाज की सच्चाई, पीड़ा, चेतावनी और दिशा को दर्शाता है।
आतंकवाद के विरुद्ध अपने व्यंगात्मक चित्रों में दीपक कौशिक राष्ट्रहित, सेना का सम्मान और निर्णायक सरकार का चित्रण करके आम जनमानस के सामने रखकर आतंकवाद को बेनकाब करने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने चित्रकला के माध्यम से समाज के सामने सेना के शौर्य और पराक्रम को कैनवास पर उतारा। उन्होंने दर्शाया कि भारत शांति चाहता है, लेकिन शांति की रक्षा के लिए शक्ति का प्रदर्शन भी कर सकता है। संवाद