संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नागरिक अस्पताल में फिजिशियन के कमरे के बाहर टोकन सिस्टम बंद होने से शुक्रवार को अव्यवस्था देखने को मिली। सुबह ओपीडी शुरू होते ही मरीजों की लंबी लाइनें लग गईं। अव्यवस्था के कारण मरीजों को दोपहर दो बजे तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा। टोकन सिस्टम न चलने के कारण मरीजों में धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं काफी परेशान नजर आए।
नागरिक अस्पताल में सर्दी के चलते बुखार, खांसी समेत अन्य बीमारियों से संबंधित मरीज फिजिशियन को दिखाने के लिए सुबह से ही अस्पताल पहुंच गए थे। टोकन सिस्टम नहीं चलने के कारण मरीज ओपीडी की पर्ची हाथ में लेकर लाइन में खड़े रहे लेकिन भीड़ में मरीजों को अंदर जाने व बाहर निकलने में भी परेशानी रही।
तीन लाइन लगने से बिना नंबर के ही मरीज अंदर प्रवेश करते नजर आए तो अन्य मरीजों ने इस पर एतराज जताया। हालांकि, बुजुर्गों व महिलाओं को नंबर देरी से आने के कारण ज्यादा परेशानी हुई। बिना टोकन के कोई भी मरीज कभी लाइन तोड़कर तो कभी दूसरी में जाकर चिकित्सक को उपचार के लिए दिखाने के लिए जल्दाबाजी करते नजर आए।
तीमारदार अजय, नरेश, मंजू, संतरो देवी ने बताया कि दो घंटे पहले से लाइन में खड़े हैं और नंबर नहीं लग रहा है। अगर कुर्सियों पर बैठकर इंतजार करें तो डर रहता है कि उनका नंबर नहीं आ पाएगा।
व्यवस्था संभालने में नाकाम रहे सिक्योरिटी गार्ड
बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से बुजुर्गों को मजबूरी में लाइन में ही खड़ा ही रहना पड़ा। महिलाओं को भी भीड़ में निकलने में दिक्कत आई।ओपीडी के बाहर तैनात सिक्योरिटी गार्ड भी व्यवस्था संभालने में नाकाम नजर आए। न तो मरीजों की अलग-अलग लाइनें बनवाई गईं और न ही बुजुर्गों, महिलाओं व गंभीर मरीजों के लिए कोई प्राथमिक व्यवस्था की गई।
टोकन सिस्टम बंद होने से मरीजों की परेशानी बढ़ी
अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में टोकन सिस्टम का बंद होना सीधे तौर पर मरीजों की परेशानी बढ़ा देता है। व्यवस्थाएं बनाने के लिए टोकन सिस्टम का चलना अनिवार्य हो गया है। पिछले कुछ दिन से टोकन सिस्टम शुरू होने के बाद मरीज आसानी से कुर्सियों पर बैठकर अपने नंबर का इंतजार करते थे।
वर्जन
नागरिक अस्पताल में टोकन सिस्टम किस कारण से बंद हुआ है इसका पता करवाया जाएगा। अगर इसमें कोई खराबी आई है तो ठीक करवा दिया जाएगा ताकि भविष्य में मरीजों को परेशानी न हो। यह व्यवस्था मरीजों की सुविधा के लिए शुरू की गई है।
-डॉ. सुमन कोहली सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
26जेएनडी03: नागरिक अस्पताल में फिजिशियन के कमरे के बाहर लाइन में लगे मरीज। संवाद- फोटो : सांकेतिक