जींद। नशा मुक्ति टीम ने सोमवार को किशनपुरा और गोविंदपुरा गांव में सोमवार को डोर टू डोर जाकर नशे की चपेट में आए लोगों की पहचान की। इसमें नशामुक्ति कमेटी के सदस्य, आंगनबाड़ी वर्कर व आशा वर्कर भी साथ रहीं। इस दौरान गांव में नशे की गिरफ्तार में आए लोगों की पहचान करके डोजियर फार्म भरे गए। इस दौरान गांव के प्रत्येक चौक-चौराहे पर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। यह अभियान एडीजीपी हिसार मंडल डॉ. एम रवि किरण के निर्देशों पर चलाया गया। अभियान चलाने का लक्ष्य है कि जिले को नशामुक्त किया जा सके।
टीम इंचार्ज नरेश ढांडा ने बताया कि किशनपुरा गांव के दो युवक चिट्टे और एक गांजा की लत से पीड़ित मिला। तीनों ने टीम से इलाज के लिए संपर्क किया। इस अभियान के तहत सर्वे कर क्षेत्र में ड्रग तस्करों की पहचान कर उसकी सूची तैयार की जा रही है। टीम शहर के साथ लगते गांवों में अभियान चलाकर इनको ड्रगमुक्त करने की दिशा में काम करेगी। शहर के पास लगते गांव बिशनपुरा, किशनपुरा, अनूपगढ़, अशरफगढ़, किनाना, बराड़ खेड़ा, बुआना, गोविंदपुरा, बिरौली, बीड़ वाली ढाणी और रामगढ़ गांव में यह अभियान चलेगा। नशे की चपेट में आए लोगों की पहचान करने के बाद उनकी काउंसिलिंग क इलाज शुरू करवाया जाएगा। इस कार्य के लिए 31 मार्च तक का टीम को समय दिया गया है। टीम ने नर्सिंग कॉलेज जींद में विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक किया।