09जेएनडी29-खेल नर्सरी में फुटबॉल खेल रहे खिलाड़ी। स्रोत कोच
- फोटो : बालमुकुंद हत्याकांड का आरोपी अंकुश। संवाद
जींद। जिले में 31 जनवरी के बाद खेल नर्सरियां बंद हो जाएंगी। फिलहाल 58 खेल नर्सरियां ग्राम पंचायतों व सरकारी स्कूलों को अलाॅट है। इसके अलावा 15 खेल स्टेडियम विभागीय हैं। ऐसे में विभागीय खेल नर्सरियां जो 31 जनवरी के बाद भी जारी रहेंगी, उनमें अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को डाइट भत्ता नहीं मिलेगा।
खेल विभाग ने पिछले साल अगस्त माह के बाद खिलाड़ियों की बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी लगाने के निर्देश दिए गए थे। हाजिरी के आधार पर ही खिलाड़ियों को डाइट राशि दी जाती है। इससे पहले खिलाड़ियों की हाजिरी रजिस्टर में दर्ज होती थी। खिलाड़ी को महीने में 22 दिन हाजिरी लगानी अनिवार्य है। एक नर्सरी में 25 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं।
खेल विभाग की ओर से आठ से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 रुपये और 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को दो हजार रुपये की राशि दी जाती है। 31 जनवरी के बाद सभी खेल नर्सरियां बंद हो जाएंगी। इसके अलावा जो विभागीय खेल नर्सरियां हैं, उसमें जनवरी के बाद अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को भी डाइट राशि नहीं मिलेगी। फिलहाल खिलाड़ियों को पिछले तीन महीने का भी डाइट भत्ता नहीं मिला है।
वर्जन
31 जनवरी को जिले की खेल नर्सरियां बंद हो जाएंगी और अप्रैल में नई अलाॅट होंगी। खेल नर्सरी संचालकों को ग्रेडिंग दी जाएगी। इसके लिए उनका डाटा मांगा गया है। बेहतर खेल नर्सरियों को प्राथमिकता दी जाएगी।-रामपाल हुड्डा, जिला खेल अधिकारी जींद