02जेएनडी13: किले वाली मस्जिद में होली मनाते हुए आयोजक। स्रोत आयोजक
जींद। किले वाली पुरानी मस्जिद में सामाजिक सद्भावना मंच के तत्वावधान में आयोजित रोजा इफ्तार एवं होली मिलन समारोह आपसी भाईचारे की मिसाल बन गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के संयोजक रामफल दहिया और इमाम मोहम्मद इस्माइल ने संयुक्त रूप से की।
इस अवसर पर हैबतपुर के सरपंच एवं प्रमुख समाजसेवी ऋषिपाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की जबकि रिटायर्ड लोक संपर्क अधिकारी सुरेंद्र कुमार वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सुरेंद्र कुमार वर्मा ने कहा प्यार, मोहब्बत और इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा गुलदस्ता है जिसमें हर रंग के फूल खिलते हैं और इसकी धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करना हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्य अतिथि ऋषिपाल ने कहा कि होली और ईद जैसे पर्व हमें मैत्री और मिलजुलकर रहने का संदेश देते हैं। उन्होंने लोगों को नफरत फैलाने वाली ताकतों से सावधान रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में हम सब भाई-भाई और मजहब नहीं सिखाता आपस में वैर रखना जैसे प्रेरणादायक नारों के माध्यम से सामाजिक समरसता और न्याय का संदेश दिया गया। इस मौके पर रमजान के 11वें दिन जुम्मे की नमाज के बाद रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन हुआ।
इसमें सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। अतिथियों को चादर भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजेंद्र सोनी, तिलकराज मिगलानी, जसपाल सिंह, सरदार मोहब्बत सिंह, ईशाक खान भट्टी और शाहबुद्दीन सहित मुस्लिम समाज एवं अन्य वर्गों के लोग मौजूद रहे।