जींद। शहर में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र कुमार शुक्रवार रात को सड़कों पर उतरे। उन्होंने शहर की अलग-अलग मार्गों पर जाकर जांच की तो 1200 में से 300 स्ट्रीट लाइटें खराब मिलीं। इस पर कार्रवाई करते उन्होंने नप के जेई और एमई को नोटिस भेज दिए वहीं ठेकेदार को 15 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। उन्होंने मौजूद अधिकारियों से कहा कि अगले 15 दिनों में शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। वह 22 अगस्त को दोबारा फिर स्ट्रीट लाइटों की जांच करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। यदि फिर भी स्ट्रीट लाइटें खराब मिलीं तो आगामी कार्रवाई की जाएगी।
जिला नगर आयुक्त गोहाना बाईपास शहीद मदनलाल ढिंगड़ा चौक से रानी तालाब होते हुए पटियाला चौक गए। इस छह-सात किलोमीटर लंबी दूरी तय कर स्ट्रीट लाइटों को लेकर वास्तविकता को जांचा। इस मौके पर नगर परिषद प्रधान अनुराधा सैनी के प्रतिनिधि डॉ. राज सैनी, नगर परिषद ईओ सुशील भुक्कल, एमई भूपेंद्र सिंह अहलावत, एमई अमित कुमार, सचिव अशोक दांगी, डीएमसी कार्यालय के निधि सहायक संजीव नेहरा, जेई जय कुमार मौजूद थे।
इस मुआयने के दौरान गोहाना बाईपास चौक से लेकर पटियाला चौक तक करीब 300 स्ट्रीट लाइटें ठप मिली जो खराब पड़ी थी। यह देखकर डीएमसी सुरेंद्र कुमार ने नाराजगी जाहिर की और मौके पर ही अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए शॉकाज नोटिस जारी कर दिए वहीं निर्देश देकर ठेकेदार पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश दे दिए।
सप्ताह पहले भेजे नोटिस के बाद भी असर नहीं
जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र कुमार ने कहा कि लाखों खर्च करने के बाद भी ये स्ट्रीट लाइटें बंद क्यों पड़ी हैं। सात दिन पहले नोटिस के मार्फत जो निर्देश दिए गए थे, उन पर काम क्यों नहीं किया गया। 1200 स्ट्रीट लाइटों में से करीब 300 का खराब मिलना इस बात को दर्शाता हैं कि ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है। उन्होंने मौके पर ईओ सुशील भुक्कल को ठेकेदार पर 15 हजार का जुर्माना लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि 22 अगस्त को फिर से शहर की स्ट्रीट लाइटों को जांचने का काम किया जाएगा।
डीसी-एसपी आवास वाली सड़क पर भी लाइटें हैं खराब
शहर में गोहाना बाईपास चौक से लेकर पटियाला चौक की सड़क शहर की लाइफ लाइन है। गोहाना रोड पर लघु सचिवालय, डीसी आवास, एसपी आवास से लेकर तमाम कार्यालय बने हुए हैं। ऐसे में गोहाना बाईपास से पटियाला चौक के रास्ते पर रात भर वाहनों तथा लोगों का आवागमन रहता है। इसके बावजूद भी इस सड़क पर स्ट्रीट लाइटें रात के समय जलती नहीं है। इसके अलावा अन्य सड़कों पर तो स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था बदहाल है। हर रोज नगर परिषद में शहरवासियों की शिकायतें आती रहती हैं, लेकिन ठेकेदार द्वारा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया जाता।
स्ट्रीट लाइटें 15 दिनों में ठीक नहीं हुईं तो ठेकेदार पर प्रतिदिन 15 हजार रुपयेे का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं निर्देशों पर अमल नहीं करने पर एमई भूपेंद्र सिंह अहलावत और जेई जयकुमार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। ड्यूटी के दौरान कोई अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही बरतता है तो सख्त कार्रवाई होगी।
सुरेंद्र कुमार, जिला नगरायुक्त, जींद।