11जेएनडी27: खेमा खेड़ी में आयोजित बैठक में उद्योग से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करते भट्ठा संचालक।
जुलाना। क्षेत्र के गांव खेमा खेड़ी में वीरवार को भट्ठा संचालकों की बैठक आयोजित की गई। इसमें उद्योग के समक्ष आ रही चुनौतियों और बढ़ती उत्पादन लागत पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता भट्ठा संचालक सतपाल कंदोला ने की। बैठक में क्षेत्र के कई भट्ठा मालिकों और संचालकों ने भाग लेकर अपने विचार रखे।
सतपाल कंदोला ने कहा कि भट्ठा उद्योग लगातार बढ़ती लागत के दबाव से जूझ रहा है। माइनिंग संबंधी समस्याओं के कारण मिट्टी की उपलब्धता प्रभावित हो रही है और इसके दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसके अलावा कोयला, डीजल और अन्य आवश्यक संसाधनों की कीमतों में हुई वृद्धि ने भट्ठा संचालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण भट्ठा संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में उद्योग को सुचारू रूप से संचालित करने और बढ़ते खर्चों की भरपाई के लिए ठोस निर्णय लेना जरूरी हो गया था। बैठक में मौजूद सभी भट्ठा संचालकों ने वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से ईंटों का नया भाव 8500 रुपये प्रति हजार निर्धारित करने का निर्णय लिया।
संचालकों का कहना है कि यह फैसला बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि उद्योग को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और उत्पादन व्यवस्था प्रभावित न हो। बैठक में सुनील राठी, सतपाल सिंह, मनोज, राजेश गोयत, मुकेश, कृष्ण और राहुल जैन सहित अनेक भट्ठा संचालक उपस्थित रहे।