जींद। नाबालिग को अवैध रूप से जुलाना थाने में बंद कर टॉर्चर करने के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि नकली पिस्तौल के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने पर सीआईए ने नाबालिग को उठाया था।
इसके बाद नाबालिग के पिता पर थाने आने के लिए दबाव बनाया गया। इस मामले में वीरवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी। अधिवक्ता अशोक शर्मा (भाणा) ने कहा है कि हिरासत में लेकर मारपीट के मामलों की ज्यादातर स्वतंत्र एजेंसी ही जांच करती है। ऐसे में उन्होंने याचिका के माध्यम से मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। कहा है कि इस मामले में 12 जनवरी को सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार से हाईकोर्ट में जवाब मांगा जाएगा।
अधिवक्ता अशोक शर्मा ने आरोप लगाया है कि नकली पिस्टल के साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर वीडियो स्टोरी लगाने के बाद सीआईए ने घर से नाबालिग को उठा लिया था। इसके बाद उसे जुलाना एवीटी थाना में ले जाकर टॉर्चर किया गया। सीआईए बार-बार बच्चे के पिता को थाने बुलाने के लिए दबाव बनाती रही। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अजय कुमार को वारंट अफसर बनाकर छापेमारी के लिए भेजा। जैसे ही पुलिस को वारंट अफसर के आने की भनक लगी तो उन्होंने नाबालिग को घर छोड़ दिया।
-इस मामले में वारंट अफसर को जवाब दे दिया गया है। वहां से ही इस मामले की जांच चलेगी।
-कुलदीप सिंह, एसपी जींद।
01जेएनडी44-परिवार के साथ नाबालिग बच्चा। स्रोत परिजन- फोटो : katra news