जींद। हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन को लेकर लखनऊ से पहुंची आरडीएसओ टीम ने सोनीपत रेलवे ट्रैक की जांच को लेकर लोको पायलट से बातचीत की। लोको पायलट ने पूछा कि यदि रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों में आग लग जाए तो ट्रेन कितनी दूर खड़ी करें जिससे कि आग इंजन तक न पहुंच सके।
आरडीएसओ टीम ने विभिन्न हिस्सों में ट्रैक, सिग्नल सिस्टम, क्रॉसिंग प्वाइंट और आसपास के वातावरण बारे जानकारी ली। इस दौरान पायलटों का कहना था कि कई स्थानों पर ट्रैक के पास झाड़ियां और सूखी घास खड़ी है जिससे आग लगने का खतरा बना रहता है। इस पर लखनऊ से आई टीम के सदस्यों ने साफ कहा कि ऐसी स्थिति में गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
टीम ने माना कि ट्रैक के आसपास मौजूद झाड़ियां न केवल दृश्यता को प्रभावित करती हैं बल्कि आग लगने की स्थिति में यात्रियों की जान को भी खतरे में डाल सकती हैं। टीम के अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह के ट्रायल से पहले ट्रैक के दोनों ओर से झाड़ियों और अवांछित वनस्पति को हटाना अनिवार्य है। यह जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर झाड़ियों की सफाई, ट्रैक के आसपास सुरक्षा घेराबंदी और अन्य आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएंगे। किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए ट्रायल से पहले सभी कमियों को दूर किया जाएगा। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही ट्रायल को हरी झंडी दी जाएगी।
वर्जन
सोनीपत रेलवे ट्रैक पर जांच शुरू नहीं हो पाई है। इससे पहले रेलवे ट्रैक के तरफ उगी घास को हटाया जाएगा ताकि ट्रेन के आवागमन में कोई परेशानी नहीं हो।-बिजेंद्र सिंह, एसएसई, नई दिल्ली