जींद। लंबे समय से अटके जींद-सफीदों-पानीपत मार्ग के चौड़ीकरण की राह अब धीरे-धीरे साफ होने लगी है। सड़क के दायरे में आ रहे बिजली के खंभे हटाए जा रहे हैं। इसके लिए बिजली निगम ने समानांतर दूसरी लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया है।
अब बिजली की नई लाइन सड़क से करीब पांच से सात मीटर दूर लगाई जा रही है। इससे निर्माण में आ रही बिजली संबंधी बाधा दूर होने की उम्मीद है। वहीं मार्ग पर रोजाना 20 से 25 हजार लोगों का आवागमन होता है। सड़क चौड़ी होने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। यातायात सुगम होगा।
लोक निर्माण विभाग ने सात करोड़ रुपये बिजली निगम को जमा करवाए थे। सड़क निर्माण शुरू करने से पहले ही यह राशि जमा करवाई गई थी ताकि निर्माण कार्य के दौरान बिजली लाइन और खंभे बाधा न बनें। अब खंभों की शिफ्टिंग शुरू होने से परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हालांकि, अब निर्माण कार्य को गति देने के लिए नजर अदालत में चल रहे मामले पर है। पेड़ों की कटाई पर लगी रोक हटने के बाद ही सड़क का मुख्य निर्माण कार्य तेजी पकड़ सकेगा। जून में भी परियोजना के करीब पांच हजार पेड़ों की कटाई पर अदालती रोक के कारण काम प्रभावित होने की जानकारी सामने आई थी।
57 करोड़ की मिली थी प्रशासनिक मंजूरी
पानीपत-सफीदों-जींद मार्ग के सुधार और चौड़ीकरण के लिए केंद्र की सीआरआईएफ योजना के तहत 30 मार्च 2023 को करीब 57 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। परियोजना के तहत पानीपत से सफीदों तक मार्ग को चार मार्गीय और सफीदों से जींद तक सड़क को 10 मीटर चौड़ा किया जाना प्रस्तावित है। सरकारी दस्तावेजों में परियोजना की कुल लागत 184.44 करोड़ रुपये दर्ज है।
सात मीटर से बढ़कर 10 मीटर होगी सड़क की चौड़ाई
जींद जिले में सफीदों से जींद तक करीब 10 मीटर चौड़ी सड़क तैयार की जानी है। इससे मार्ग पर यातायात सुगम होने के साथ सफीदों, पिल्लूखेड़ा और जींद के बीच आवागमन करने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। सड़क की मौजूदा चौड़ाई करीब सात मीटर है।
घोषणा के बाद भी बाधाओं में उलझा रहा काम
जींद-सफीदों मार्ग के चौड़ीकरण की घोषणा तीन अप्रैल 2022 को सफीदों में की गई थी। इसके बाद परियोजना को मंजूरी मिली लेकिन वन भूमि और पेड़ों की कटाई की अनुमति इसमें बड़ी बाधा बन गई। करीब 38 एकड़ गैर वन भूमि उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई थी। अलग-अलग ग्राम पंचायतों की शामलात भूमि को वन विभाग के लिए उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी चली जो बाद में जरूरत के अनुसार यह जमीन मिल गई थी। इसके बाद सड़क के दायरे में आने वाले बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और अन्य ढांचे भी निर्माण में बाधा बने रहे। जून में भी खंभों और ट्रांसफार्मरों को हटाने की प्रक्रिया पूरी नहीं होने की बात सामने आई थी। अब बिजली के खंभों की शिफ्टिंग शुरू होने से इस दिशा में काम आगे बढ़ा है।
वर्जन
फिलहाल खंभों को हटाने का काम शुरू हो चुका है जबकि पेड़ों की कटाई से जुड़ा मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण मुख्य निर्माण कार्य की रफ्तार पर असर है। अब लोगों की नजर आगामी सुनवाई पर टिकी है। अदालती अड़चन दूर होते ही सड़क निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है।
-राजकुमार नैन, एक्सईन लोक निर्माण विभाग जींद।