संवाद न्यूज एजेंसी
उचाना। उचाना कलां में बना पार्क बदहाली के कगार पर है। पार्क में घास उगी है और सैर के लिए बनाई गई पगडंडी भी टूटी हुई हैं। तत्कालीन जन स्वास्थ्य मंत्री किरण चौधरी ने साल 2012 में पार्क का उद्घाटन किया था। कुछ सालों के बाद रखरखाव के अभाव के चलते पार्क की हालत खराब पड़ी है।
सौंदर्यीकरण की मांग के बाद भी कोई काम नहीं हुआ है। ग्रामीण ज्ञानी, सुमेर ने बताया कि पार्क बनने के बाद यहां महिलाएं, ग्रामीण, बच्चे सुबह, शाम सैर करने आते थे। पहले जन स्वास्थ्य विभाग पार्क की देखरेख करता था। कुछ सालों से नगर पालिका के अधीन है।
बच्चों के लिए झूले, पौधे, टूटी पगडंडी को बनाने, स्ट्रीट लाइटें लगवाने, लोगों के बैठने के लिए अलग-अलग शेड बना बैंच रखने सहित अन्य मांगे लोग करते आ रहे हैं। पार्क में बड़ी-बड़ी घास उगने से कई बार सांप तक दिखाई देते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पार्क की सौगात तो मिल गई लेकिन पार्क बदहाली के कगार पर है। किसी का इस ओर ध्यान नहीं है। नपा सचिव अशोक डांगी ने बताया कि पार्क सुंदरीकरण स्कीम के तहत पार्क का सौंदर्यकरण होना है। पौधे लगाने का काम जारी है। पार्क में उगी घास को साफ कर व टूटी हुई पगडंडियां जल्द बना दी जाएगी।