जींद। पूर्व मंत्री कविता जैन ने नारी शक्ति वंदन बिल को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देशहित और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष का रवैया हमेशा नकारात्मक रहा है और इस बार भी महिलाओं के अधिकारों से जुड़े अहम विधेयक को राजनीति की भेंट चढ़ा दिया गया।
यह बात उन्होंने वीरवार को विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। जैन ने कहा कि जब यह बिल पारित नहीं हो पाया, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया था कि इसे दोबारा लाया जाएगा और वर्ष 2029 के आम चुनाव से पहले महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी, करीब 70 करोड़ महिलाओं को इस बिल से बड़ी उम्मीदें थीं।
इस दौरान भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय सलाहकार सदस्य नेहा धवन ने कहा कि कांग्रेस, टीएमसी, सपा और उनके सहयोगी दलों ने मिलकर इस विधेयक को पास नहीं होने दिया। इतना ही नहीं, बिल गिरने के बाद विपक्ष ने इसका मजाक उड़ाकर महिलाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो सकता था, लेकिन विपक्ष की राजनीति के चलते यह अवसर हाथ से निकल गया।
नेहा धवन ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का लोहा मनवा चुकी हैं। चाहे वह घर-आंगन हो, अंतरिक्ष, खेल का मैदान या फिर सेना और संसद। ऐसे में उन्हें विधायिका में उचित प्रतिनिधित्व मिलना समय की मांग है।
उन्होंने कहा कि परिसीमन के बाद बढ़ने वाली सीटों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा की लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए है और वहां पार्टी को निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। इस अवसर पर नगर परिषद चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी भी मौजूद रही।