07जेएनडी08: नागरिक अस्पताल में बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद
जींद। कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंद को ऑक्सीजन देने वाले प्लांट की अब नागरिक अस्पताल में सांस रुकी है। जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए नागरिक अस्पताल में स्थापित किया गया प्लांट अब खुद बदहाली का शिकार हो गया है। वर्ष 2024 से यह प्लांट बंद है।
इस प्लांट ने महामारी के दौर में पीड़ितों मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वही आज तकनीकी खराबी और मरम्मत के अभाव में निष्क्रिय पड़ा है। प्लांट बंद होने के कारण अस्पताल प्रशासन को बाजार से ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। यह ऑक्सीजन प्लांट कोरोना काल में पीएम केयर फंड के तहत स्थापित किया गया था। वर्तमान में प्लांट खराब होने के बाद इसकी मरम्मत को लेकर स्पष्ट जिम्मेदारी तय नहीं हो पाई है।
बताया जा रहा है कि प्लांट सीधे प्रशासन के नियंत्रण में नहीं है जिसके कारण रिपेयरिंग प्रक्रिया लंबित है। अस्पताल प्रशासन द्वारा कई बार उच्च अधिकारियों को प्लांट की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया जा चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से मुख्यालय को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत करवाया गया है। लंबा समय बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
वर्जन नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से प्लांट को शीघ्र ठीक कराने की मांग उठानी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि महामारी के अनुभव को देखते हुए ऐसी महत्वपूर्ण सुविधाओं को निष्क्रिय छोड़ना भविष्य के लिए जोखिमपूर्ण है। -राजकुमार गोयल, समाजसेवी
वर्जन
ऑक्सीजन प्लांट बंद है। इसको ठीक करवाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। हालांकि अस्पताल में फिलहाल इसकी जरूरत नहीं है। इससे प्रतिदिन लाखों लीटर ऑक्सीजन तैयार हाेती थी। इसको स्टोरेज करने की व्यवस्था नहीं होती। यह प्लांट दिनभर चलाकर रखना अस्पताल के लिए महंगा पड़ता है। अभी अस्पताल में सिलिंडर से आक्सीजन की सप्लाई होती है। यह ऑक्सीजन इमरजेंसी वार्ड, ऑपरेशन थियेटर में भी कारगर नहीं है। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएओ नागरिक अस्पताल जींद।