जींद। जिले में सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों को मंजूरी मिली है।
लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियों की ओर से मिनी सचिवालय में पुरानी लिफ्टों के प्रतिस्थापन, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) में स्ट्रीट लाइटों की विशेष मरम्मत और विद्युत उप-मंडल के अंतर्गत डीजी सेटों की वार्षिक रखरखाव योजना पर काम शुरू किया जाएगा।
इन परियोजनाओं पर एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनके टेंडर भी जारी किए गए हैं। एक सप्ताह में टेंडर की बिड ओपन होगी। इसके बाद काम को जल्द शुरू करवाने के निर्देश एजेंसियों को दिए जाएंगे।
लघु सचिवालय में स्थापित चार पुरानी जॉनसन मेक लिफ्टों को बदलने के लिए 63.55 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। लंबे समय से इन लिफ्टों में तकनीकी खराबी और बार-बार रुकने जैसी समस्याएं सामने आ रही थीं जिससे कर्मचारियों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई लिफ्टें लगने के बाद लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग और महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार नई आधुनिक तकनीक वाली लिफ्टों में बेहतर सुरक्षा फीचर, कम बिजली खपत और तेज संचालन जैसी सुविधाएं होंगी। इससे कार्यालयों में कामकाज भी अधिक सुचारु रूप से हो सकेगा।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू), जींद में विभिन्न स्थानों पर स्ट्रीट लाइटों की विशेष मरम्मत और नई केबल बिछाने पर 21 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
विद्यार्थियों, कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा बढ़ेगी
विश्वविद्यालय परिसर में कई जगहों पर खराब स्ट्रीट लाइटों और क्षतिग्रस्त केबलों के कारण रात के समय अंधेरा रहता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पूरे परिसर में बेहतर रोशनी उपलब्ध होगी। इससे विद्यार्थियों, कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा बढ़ेगी। रात के समय आने-जाने में आसानी होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बेहतर प्रकाश व्यवस्था से परिसर का वातावरण भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनेगा।
डीजी सेटों की एएमसी से बाधित नहीं होगी बिजली आपूर्ति
विद्युत उप-मंडल जींद के अंतर्गत विभिन्न डीजी सेटों के लिए वर्ष 2026-27 हेतु वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) पर 12.85 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत डीजी सेटों की नियमित जांच, मरम्मत और तकनीकी देखरेख की जाएगी। यह बिजली कटौती या आपात स्थिति के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समय पर रखरखाव होने से मशीनों में खराबी कम आएगी और सरकारी कार्यालयों व संस्थानों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इससे कामकाज प्रभावित नहीं होगा और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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सीआरएसयू में पहले भी लाइट लगी हुई। कई जगह पर नई लाइट तो कहीं पुरानी लाइटों की रिपेयरिंग करवानी है। इसके लिए जो भी काम होंगे उनको जल्द पूरा करवाया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को रात के समय भी सीआरएसयू में लाइट की कमी महसुस न हो। इसके लिए टेंडर लगवाया गया है।
-प्रोफेसर रामपाल सैनी, कुलपति सीआरएसयू जींद।