22जेएनडी09: माता वैष्णवी धाम में आयोजित नवार्ण महायज्ञ में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत श्रद्धालु
जींद। माता वैष्णवी धाम में आयोजित नवार्ण महायज्ञ के तीसरे दिन शनिवार को आचार्य पवन शर्मा ने भक्ति और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मां जगदंबा ही इस सृष्टि की सृजनहार, पालनहार और तारनहार हैं।
आचार्य ने कहा कि जब सब कुछ मां की ही इच्छा से हो रहा है तो फिर किसी से ईर्ष्या या नफरत कैसी। ईश्वर से प्रेम करने का वास्तविक अर्थ उनकी बनाई रचना यानी इंसानियत से प्रेम करना है। जो व्यक्ति अपने पड़ोसी से घृणा करता है और मंदिर में मूर्ति पूजा का दावा करता है उसकी भक्ति मात्र एक दिखावा है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे मां के विराट स्वरूप को पहचानें और साधना के उस स्तर तक पहुंचें जहां उन्हें हर जीव में मां के दर्शन हों। इस अवसर पर आरपी काहनोरिया, एडवोकेट घनश्याम सिंघल, एससी जैन ने मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना कर महायज्ञ में आहुतियां डालीं। कार्यक्रम में डॉ. अश्विनी मिड्ढा, राजबीर सिंह तंवर, सूरज नागपाल मौजूद रहे।