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हरियाणा के गुरुद्वारों का पैसा राज्य के गुरुद्वारों पर ही होगा खर्च : दादूवाल

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जींद। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारों का लगभग 150 करोड़ रुपये का बजट है। जोकि अब हरियाणा में ही खर्च किया जाएगा। इससे पहले बादल परिवार बजट का 60 प्रतिशत तक अपने साथ ले जाता था। हरियाणा के गुरुद्वारों को लेकर सिर्फ ऐलान किए जाते थे, लेकिन काम नहीं होते थे। राज्य के गुरुद्वारों की अनदेखी के चलते सिख लंबे समय से मांग कर रहे थे कि हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंधन भी एचएसजीपीसी करे। इससे न कोई धार्मिक और न ही जातीय बंटवारा हुआ है।
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उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा के सिख एक हैं। हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंधन हरियाणा की कमेटी देखेगी। पंजाब के गुरुद्वारा का प्रबंधन पंजाब की कमेटी देखेगी। दादूवाल शनिवार को गुरुद्वारा तेगबहादुर साहिब में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह यहां बैठक करके जायजा लेने आए हैं। हरियाणा में कुछ गुरुद्वारों का प्रबंध ही एचएसजीएमसी देख रही थी। जबकि अन्य 48 गुरुद्वारों का प्रबंध शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी (एसजीपीसी) संभाले हुए थी। 13 जुलाई 2020 को उन्होंने मुख्य सेवादार का पद संभाला। सुप्रीम कोर्ट में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब हरियाणा के गुरुद्वारों को उनका हक मिला है। हरियाणा में गुरुद्वारों के साथ पहले भेदभाव किया जाता था। हरियाणा के गुरुद्वारा के 150 करोड़ के बजट का 60 प्रतिशत बादल परिवार ले जाता था। एसजीपीसी ने हरियाणा के गुरुद्वारों के लिए कुछ नहीं किया। यहां के कर्मचारियों को तनख्वाह तक नहीं दी गई और न ही बढ़ाई गई। उन्होंने पदभार संभालते ही कर्मचारियों की तनख्वाह बढ़ाई, प्रबंधन में जो कमियां थीं, उन्हें दूर किया गया। अब हरियाणा के गुरुद्वारों का पैसा हरियाणा में ही खर्च होगा। उन्होंने कहा कि साध संगत जिसे मुख्य सेवक बनाएगी, कमान उसी को सौंपी जाएगी। यह चाहे सर्वसम्मति से हो या फिर चुनाव से। इसके बाद हरियाणा में शिक्षा, स्वास्थ्य, पंथ प्रचार, कर्मचारियों के समय पर तनख्वाह और विकास को एक नई गति दी जाएगी।
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हरियाणा में नहीं गुटबाजी
बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि हरियाणा में कोई गुटबाजी नहीं है। कुछ लोग हैं, जो गुमराह कर रहे हैं। अगर पूर्व प्रधान जगदीश सिंह ढींडसा मुख्यमंत्री से मिले हैं तो इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि हर किसी को मुख्यमंत्री से मिलने का अधिकार है। उन्होंने सभी सदस्यों से आह्वान किया कि किसी को गुमराह करने का काम नहीं करें। चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास जताएं। हमें मिलकर समाज को और पंथ को आगे बढ़ाना है। हरियाणा के गुरुद्वारों का विकास करना है। यह कार्य सेवा भाव का है और किसी तरह की कोई राजनीति नहीं करनी है। न ही किसी तरह का कोई टकराव। आज भी हरियाणा के सिख अकाल तख्त को समर्पित हैं।
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