सफीदों। मलिकपुर गांव के राजकीय उच्च विद्यालय में मुख्याध्यापक के अतिरिक्त कोई भी अध्यापक नहीं है। स्कूल में अध्यापक ही नहीं होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार सुबह स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में ग्रामीणों के साथ-साथ महिलाएं और विद्यार्थी भी शामिल रहे।
ग्रामीणों का कहना था कि सरकार ने पहले तो उनके गांव का स्कूल 12वीं से घटाकर 10वीं तक कर दिया, लेकिन इसके बावजूद अब यहां से सभी अध्यापकों का तबादला कर दिया गया। मुख्याध्यापक ने अध्यापकों की कमी के चलते 8वीं से 10वीं तक के बच्चों की छुट्टी कर दी है। ग्रामीणों का कहना था कि इस स्कूल में गरीब परिवारों के करीब 160 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं, लेकिन स्कूल में अध्यापक न होने के कारण उनके भविष्य पर तलवार लटक गई है। उन्होंने बताया कि पहले यह स्कूल बढ़िया चल रहा था, लेकिन जब से सरकार की तबादला नीति आई है तब से यहां के अध्यापक अपना-अपना तबादला करवाकर चले गए हैं। यह स्कूल अब बंद होने की कगार पर पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि वह अपने बच्चों को पास लगते गांव रोहढ़ में दाखिल करवाने के लिए गए थे, लेकिन उन्होंने यह कहकर दाखिला लेने से साफ मना कर दिया कि स्कूल में दाखिले के लिए सीटें नहीं हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत लड़कियों को हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चे स्कूल नहीं गए तो उनकी पढ़ाई का तो नुकसान होगा। साथ ही वह खाली बैठे लड़ाई-झगड़ों व अन्य गलत आदतों का शिकार हो सकते हैं। वहीं बच्चों के पेपर भी सिर पर हैं, लेकिन पढ़ाने वाला कोई भी नहीं है। अगर उन्हें नहीं पढ़ाया गया तो वह परीक्षा में क्या लिखकर आएंगे और उसका परिणाम यह होगा कि वह फेल हो जाएंगे।
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मूलभूत सुविधाओं का भी टोटा
ग्रामीणों में बताया कि स्कूल में अव्यवस्थाएं भी हैं। स्कूल की बिल्डिंग कंडम है। पीने के पानी, शौचालय, बिजली आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। स्कूल में जेनरेटर तो रखा हुआ है, लेकिन वह कभी भी चला नहीं। स्कूल के ग्राउंड में बड़ी-बड़ी जंगली घासें उगी हुई हैं और बच्चों को जहरीले कीटों से खतरा बना हुआ है।
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कई बार मिले एसडीएम से, नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि वह इस मामले में सफीदों के एसडीएम सत्यवान मान व सरकार के नुमाइंदों से कई बार मिल चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार व प्रशासन ने चार दिन तक स्कूल में अध्यापक नहीं भेजे तो वह पूरे गांव को साथ लेकर सफीदों के खानसर चौक पर धरना देने के लिए मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
वर्जन
स्कूल में एक सितंबर से ही अध्यापकों की कमी चल रही है। स्कूल में वह खुद और एक क्लर्क है। जिसके चलते स्कूल का संचालन करना मुश्किल बना हुआ है। इस संबंध में बीईओ, डीईओ और शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। अब बच्चों की परीक्षाएं 29 सिंतबर से शुरू होने जा रही हैं। - मुख्य अध्यापक रमेश चंद्र , राजकीय उच्च विद्यालय