जींद। कंडेला गांव में बुधवार को हुई महापंचायत में भाकियू नेताओं ने सरकार को जमकर शब्द बाण छोड़े। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष व भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह ने आंदोलन के अनुभवों के माध्यम से सरकार पर निशाना साधा। युद्धवीर सिंह ने कहा कि कंडेला बहादुरों की धरती है। यहां हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी गई है। कंडेला से जो संदेश लोगों की भीड़ ने दिया है, वह दिल्ली को हिला देगा। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को सरकार ने जो षड्यंत्र किया, कंडेला की महापंचायत में जुटी भीड़ उसका जवाब है।
सरकार को खुली चेतावनी, नहीं हटेंगे पीछे
युद्धवीर सिंह ने सरकार को खुली चेतावनी दी कि मंडी व्यवस्था किसी के बाप की बपोती नहीं है। यह चौधरी सर छोटूराम की देन है। जो चौधरी छोटूराम पर हाथ डालेगा, उसे सहन नहीं किया जाएगा। युद्धवीर सिंह ने कहा कि सरकार षड्यंत्र रचकर हिंदू-सिख दंगे करवाना चाहती थी, लेकिन देश के किसान इसे समझ गए और इस साजिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि सिंघु बॉर्डर पर भी सरकार ने पथराव करवाया, लेकिन यह शाहीनबाग नहीं, देश के किसानों का आंदोलन है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता के लिए कुछ भी कर सकते हैं।
युवाओं को किया सावधान
युद्धवीर सिंह ने कहा कि उनके विरोधियों की आईटी सेल काफी मजबूत है। वे कुछ भी करके आपस में ही लोगों को लड़वा सकते हैं। ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है। सोशल मीडिया पर आने वाली हर खबर की सच्चाई जानकर ही आगे बढ़ाएं। अफवाहों से बचकर रहें।
टिकैत के आंसुओं का इंतकाम लेने का जज्बा
महापंचायत में पहुंचे लोग व मंच पर पहुंचे सभी नेताओं ने राकेश टिकैत के आंसुओं का जिक्र किया। महापंचायत के संयोजक टेकराम कंडेला ने बताया कि जिस समय वह दृश्य गांव के युवाओं ने देखा तो तुरंत ही सड़क पर निकल पड़े। रात को ही लोग दिल्ली पहुंच गए और उसी दिन यह कार्यक्रम तय किया गया। लोगों ने कहा कि सरकार ने किसान नेता राकेश टिकैत के आंसु निकलवाए हैं, उनका हिसाब लिया जाएगा।
छह फरवरी को भारत बंद का आह्वान
जुलाना। जुलाना के पोली गांव में आयोजित कार्यक्रम में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 26 जनवरी को सरकार ने साजिश के तहत दंगा भड़काने का प्रयास किया। ऐसे ओर भी प्रयास होंगे, लेकिन इन्हें सफल नहीं होने देना है। छह फरवरी को होने वाले भारत बंद के लिए भी उन्होंने लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होते, घर वापसी नहीं होगी।
किसान यूनियन वहन करेगी ट्रैक्टरों का खर्च
भाकियू नेता गुरनाम चढूनी ने कहा कि दिल्ली में आंदोलन के दौरान जिन ट्रैक्टर को नुकसान हुआ है, उनको भारतीय किसान यूनियन ठीक करवाएगी। उन्होंने कहा कि यह जीने की लड़ाई है और इसमें पीछे नहीं हटना है।