जींद। एडिशनल सेशन जज शिफा की अदालत ने पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी सुखजिंदर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। यह मामला साल 2021 से चल रहा था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार वेदपाल ने सदर पुलिस एफआईआर में बताया था कि उसकी बहन पूनम की शादी साल 2007 में सुखजिंदर उर्फ काला से साथ हुई थी। शादी के बाद से ही सुखजिंदर बहन को दहेज को लेकर परेशान करता था। पूनम के ससुरालवाले रामफल, मनोज, नरेंद्र, रानी, कांता, सुखजिंदर उनके साथ मारपीट करते थे।
ससुरालवालों से परेशान होकर बहन ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इस मामले में पति सुखजिंदर के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाए और अदालत में पेश किए। अब अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपी को बरी कर दिया।