03जेएनडी14: नगूरां जलघर में पीने के पानी की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत स्वास्थ्यकर
जींद। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वच्छ पेयजल को लेकर नगूरां व चांदपुर जलघर के अलावा गांव मेें पीने के पानी में क्लोरीन की जांच की। इस दौरान नगूरां जलघर और गांव की पेयजल सप्लाई में क्लोरीन की मात्रा मानकों के अनुसार पाई गई।
चांदपुर गांव में स्थिति चिंताजनक मिली जहां पानी में क्लोरीन की मात्रा सही नहीं थी और जलघर की डोजर मशीन खराब मिली। स्वास्थ्य विभाग ने जलापूर्ति विभाग के कर्मचारियों को तुरंत डोजर मशीन ठीक करने और ग्रामीणों को क्लोरीन युक्त शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए।
स्वास्थ्य निरीक्षक नरेंद्र ढांडा ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए क्लोरीन युक्त जल अपनाएं, हैजा और टाइफाइड से छुटकारा पाएं का नारा दिया। उन्होंने बताया कि दूषित पानी के सेवन से हैजा, टाइफाइड, पीलिया, पेचिश और पोलियो जैसी गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा रहता है।
क्लोरीनीकरण की प्रक्रिया पानी से हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को नष्ट कर उसे कीटाणु रहित बनाती है। यह न केवल पानी में मौजूद आयरन और मैंगनीज के ऑक्सीकरण में मदद करता है बल्कि पानी के रंग और गंध को भी बेहतर बनाता है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से कुलदीप सिंह और नरेंद्र कुमार और जलापूर्ति विभाग की ओर से संदीप, इंद्र सिंह और दर्शन सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। टीम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे केवल शुद्ध और उपचारित पानी का ही उपयोग करें ताकि स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचा जा सके।