जींद। लघु सचिवालय, एसपी ऑफिस तथा अब नागरिक अस्पताल में प्रवेश के लिए वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया तो जिले में टीका लगवाने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ गई है। प्रतिदिन विभिन्न सरकारी कार्यालयों के बाहर लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन एक-एक कार्यालय में यह व्यवस्था बढ़ा रहा है। एक जनवरी से सभी जगह वैक्सीन प्रमाणपत्र दिखाना अनिवार्य हो जाएगा। इस प्रकार की व्यवस्था से पहले जिले में प्रतिदिन तीन हजार के आसपास ही लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही थी।
दस दिन पहले डीसी नरेश नरवाल ने अधिकारियों को वैक्सीन लगाने के सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी ने लापरवाही की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लघु सचिवालय, एसपी ऑफिस तथा नागरिक अस्पताल में लोगों पर जब प्रतिबंध लगाया तो वैक्सीन की संख्या भी बढ़ने लगी। अब तक जिले के 784897 लोगों को पहली तथा 465952 को दूसरी लगाई जा चुकी है। जिले के लगभग दस लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जानी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नवनीत सिंह ने बताया कि शुक्रवार को 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 3344 लोगों ने पहली तथा 6295 ने दूसरी डोज लगवाई। 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 1104 लोगों ने पहली तथा 2031 ने दूसरी डोज लगवाई। 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 671 लोगों ने पहली तथा 1220 ने दूसरी डोज लगवाई।
वर्जन
31 दिसंबर तक जिले के सभी लोगों को पहली डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया है। लोगों को भी स्वयं आकर वैक्सीन लगवानी चाहिए। एक जनवरी से बिना वैक्सीन लगवाए लोगों का सार्वजनिक स्थलों पर आना प्रतिबंध हो जाएगा। इसलिए सभी लोगों को वैक्सीन लगवानी चाहिए। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन ही एकमात्र उपाय है।
- जेएस पूनिया, सिविल सर्जन।