07जेएनडी10-उझाना गांव में पौधरोपण करते हुए ग्राम विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहा
जींद। उझाना के ग्रामीण शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का जो उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायी है। इसी सामूहिक भावना से समाज का वास्तविक और स्थायी विकास संभव है। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने रविवार को उझाना में ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए की।
डॉ. चौहान ने प्रयास सेवा समिति की ओर से संचालित पुस्तकालय में पौधरोपण के बाद उन्होंने वहां अध्ययनरत विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि गांवों में आधुनिक पुस्तकालयों के निर्माण का सिलसिला तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की पहल पर शुरू हुआ था। वर्तमान में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार इस क्रम को तीव्र गति से आगे बढ़ा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव तक इस सुविधा का विस्तार किया जाए।
उन्होंने नीम वाला लघु वन का दौरा किया जिसमें 70 से 80 दुर्लभ और औषधीय वनस्पतियों की प्रजातियों को संरक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि हर गांव को चाहिए कि ऐसी औषधीय प्रजातियों का अधिक रोपण करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसका लाभ उठा सकें। इस अवसर पर सरपंच सुनील मलिक, भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य राजबीर सिंहमार, भाजपा मंडल महामंत्री शिवकुमार, ईश्वर उझाना, पुष्कर शर्मा उझाना, पूर्व मंडल अध्यक्ष अमित ढाकल मौजूद रहे।
खकनाथ डेरा पहुंचकर लिया महंत राजनाथ से आशीर्वाद
निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने गांव में बनी छह मंजिला चौपाल का भी दौरा कर वहां ग्रामीणों से बातचीत की। इसके बाद वे बाबा खकनाथ डेरा भी पहुंचे और महंत राजनाथ से आशीर्वाद लिया। यहां बने सरोवर का अवलोकन किया और ग्रामवासियों के साथ नौकायन का आनंद लिया। तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य को देखकर उन्होंने इसकी सराहना की और कहा कि यह प्रदेश के अन्य गांवों के लिए अनुकरणीय है।