जींद। नगर पालिका जुलाना और उचाना की डंपिंग साइटों से कूड़े का उठान कर जींद स्थित प्रोसेसिंग साइट तक पहुंचाने के लिए 66.30 लाख रुपये की लागत से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। दोनों नगर पालिकाओं के लिए 33.15-33.15 लाख रुपये के अलग-अलग टेंडर जारी किए गए हैं। टेंडर के तहत डंपिंग साइटों से कचरे की लोडिंग, अनलोडिंग, ढुलाई और परिवहन का कार्य किया जाएगा।
नगर निकायों में प्रतिदिन घरों, बाजारों और संस्थानों से निकलने वाला ठोस कचरा डंपिंग साइटों पर एकत्र किया जाता है। पर्याप्त प्रोसेसिंग और नियमित उठान नहीं होने की स्थिति में डंपिंग साइटों पर कचरे का ढेर बढ़ने लगता है। इससे बदबू, गंदगी और प्रदूषण की समस्या पैदा होती है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद डंपिंग साइटों पर जमा कचरे को नियमित रूप से जींद की प्रोसेसिंग साइट तक पहुंचाया जाएगा, जहां उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और प्रसंस्करण किया जाएगा। इस योजना का सबसे बड़ा लाभ जुलाना और उचाना के निवासियों को मिलेगा।
डंपिंग साइटों के आसपास रहने वाले लोगों को बदबू, धुएं और उड़ने वाले कचरे से राहत मिलने की उम्मीद है। बरसात के मौसम में कचरे के ढेरों से होने वाली गंदगी और जलभराव की समस्या भी कम होगी।
इसके अलावा आवारा पशुओं और कचरे से फैलने वाले संक्रमण के जोखिम में भी कमी आएगी। नगर निकाय अधिकारियों के अनुसार कचरे के नियमित उठान से डंपिंग साइटों पर भार कम होगा और सफाई व्यवस्था अधिक व्यवस्थित बनेगी।
इससे शहरों की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रोसेसिंग साइट पर कचरे का पृथक्करण, पुनर्चक्रण और अन्य वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से निस्तारण किया जाएगा।
रोजाना निकलता है लगभग 60 टन कूड़ा
जुलाना और उचाना नगर पालिका क्षेत्रों से प्रतिदिन लगभग 60 टन कूड़ा निकलता है। इसकी मात्रा व्यावसायिक गतिविधियों के अनुसार बदलती रहती है। नियमित ढुलाई व्यवस्था शुरू होने के बाद कचरे का समयबद्ध निस्तारण संभव होगा और डंपिंग साइटों पर लंबे समय तक कचरा जमा रहने की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी।
वर्जन
जुलाना व उचाना से कूड़ा उठाकर जींद स्थित प्रोसेसिंग साइट तक पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके पूरा होने के बाद कार्य में तेजी आएगी और दोनों कस्बों के लोगों को स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण मिल सकेगा। डंपिंग प्वाइंटों से समय पर कूड़ा उठने से शहरवासियों को गंदगी की समस्या से राहत मिलेगी।
- अनिल दूहन, डीएमसी, नगर परिषद जींद