जींद। गेहूं कटाई का काम अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में शुरू हो जाएगा। इस सीजन में खेतों में खड़ी फसलों में लगने वाली आग के मामलों में भी इजाफा हो जाता है। हर वर्ष दर्जनों ऐसे मामले सामने आते हैं। इसमें आगजनी के कारण किसानों की मेहनत राख में तब्दील हो जाती है। ऐसे में यह समय अग्निशमन विभाग के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है।
स्टाफ की कमी, साजो-सामान की कमी, पानी के लिए जल स्रोतों की कमी दमकल विभाग की चुनौतियों को बढ़ा रही है। आग की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग के पास जिले में गाड़ियों की कमी के साथ कर्मियों की भी भारी कमी है। नियमानुसार एक गाड़ी पर छह कर्मियों की जरूरत एक शिफ्ट में होती है। जिले में अग्निशमन विभाग के पास 14 गाड़ियां हैं। इन सभी गाड़ियों पर एक शिफ्ट में 84 कर्मचारियों की जरूरत होती है। सामान्य तौर पर तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगती है। अगर तीन शिफ्टों में काम करें तो जिले में 252 कर्मचारियों की जरूरत है। विभाग के पास फिलहाल 102 कर्मचारी काम संभाले हुए हैं। फसलों की कटाई के समय को देखते हुए सभी फायर कर्मियों की छुट्टियां रद्द करके ड्यूटी का समय आठ की बजाए 12 घंटे किया जाएगा। प्रत्येक कर्मचारी की ड्यूटी का समय चार घंटे बढ़ाने के बाद काफी हद तक राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त छुट्टी पर गए कर्मियों को भी ऑन कॉल ड्यूटी के लिए अलर्ट किया जाएगा, ताकि आगजनी से निपटने में कोई कोताही न बरती जाए। जिले में पांच गाड़ियों की मांग की हुई है। फिलहाल नई गाड़ियां नहीं मिली। पहले जिले में 18 गाड़ियां थी, लेकिन चार गाड़ियों की आयु सीमा पूरी होने के कारण एनसीआर से बाहर भेजी गई हैं। इसके चलते फिलहाल 14 गाड़ियों से व्यवस्था संभाली जाएगी।
पिछले वर्ष आगजनी की हुई थीं कई घटनाएं
पिछले वर्ष भी गेहूं में आगजनी की जिले में काफी घटनाएं हुईं थीं। इनमें सैकड़ों एकड़ फसल जलकर राख हो गई थी। इस वर्ष इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए दमकल विभाग की तैयारियां पूरी हैं, मगर अभाव के चलते दमकल विभाग अपने मिशन में कितना सफल होता है देखने वाली बात होगी।
प्रत्येक खंड में तैनात की जाएगी गाड़ी
विभाग के पास भले ही गाड़ियां, कर्मचारी व अन्य संसाधनों की कमी है, लेकिन व्यवस्थाएं बनाने में विभाग ने पिछले वर्ष भी बेहतर काम किया था। इस वर्ष भी यही योजना आगजनी से निपटने की बनाई जाएगी। बीते वर्ष प्रत्येक खंड के उन चौकों पर गाड़ियों को तैनात किया गया था। जहां से किसी भी क्षेत्र में जाने के लिए शहर पार न करना पड़े। सूचना के 10 मिनट बाद गाड़ी घटनास्थल पर पहुंचाई गई थी।
जिले का दौरा कर उन स्थानों को चिह्नित किया जाएगा। जहां से गाड़ियों को घटना के समय आसानी से निकाला जा सके। सभी कर्मचारियों से अतिरिक्त ड्यूटी ली जाएगी। छुट्टी के बावजूद भी ऑन कॉल अलर्ट रहेंगे। किसानों की फसल को आगजनी से बचाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। जितने भी संसाधन हैं, उनके माध्यम से हर घटना से निपटने की तैयारी की जाएगी।
सुखबीर सिंह यादव जिला अग्निशमन अधिकारी