सरकार की मेरा पानी मेरी विरासत योजना का विरोध करते भाकियू नेता।
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भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर किसानों ने दोपहर 12 बजे सूर्य को पानी देकर मेरा पानी मेरा विरासत योजना का विरोध किया। इस योजना के तहत सरकार ने धान की फसल की बजाय लगाने के लिए किसानों को प्रेरित करने का प्रयास किया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला ने कहा कि सरकार किसानों पर धान नहीं बोने के लिए योजनाएं थोप रही है। यह किसान को बर्बाद करने की योजना है। इसके अलावा अनेक किसानों ने अपनी-अपनी जगह पर दोपहर 12 बजे सूर्य को पानी दिया।
कंडेला ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के कई ब्लॉकों में धान की 50 प्रतिशत रोपाई पर रोक लगा दी है। इसके अलावा पूरे हरियाणा में 20 प्रतिशत धान की रोपाई कम करवा दी है। उन्होंने कहा कि इससे किसान बर्बाद हो जाएगा। सरकार किसानों को उनकी फसल की बिजाई करने का अधिकार छीन रही है। इससे किसान बहुत दुखी है। किसान को अपनी मनमर्जी से फसल की बिजाई करने का संविधान के अनुसार अधिकार मिला हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस कानून को सरकार वापस ले। बिजली के कनेक्शन के लिए जिन किसानों से पैसे जमा करवा रखें, उनको बिजली कनेक्शन दे। पांच स्टार मोटर की पाबंदी खत्म करके किसानों को अपनी मर्जी से मोटर लगाने का अधिकार दिया जाएगा। जिन किसानों ने 2019-20 में जिन किसानों को मक्का की खेती की थी, उनको दो हजार रुपये की सहायता राशि व 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। फसलों के भावों में जो बढ़ोतरी की गई है वह सी-दो के तहत नहीं करके मनघड़ंत तरीके से की है। किसान सी-दो के तहत एमएसपी लागू करवाने की मांग करता है। यदि सरकार ने सभी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो भाकियू आंदोलन करने पर मजबूर होगी।