22जेएनडी47-पहले नवरात्र पर माता भ्रामरी धाम में कंजक पूजन में शामिल बेटियां। स्रोत पुजारी
उचाना। शारदीय नवरात्र के प्रारंभ पर देवभूमि बनभौरी माता भ्रामरी शक्तिपीठ पर कंजक पूजन कर नवरात्र पूजा की शुरूआत की गई। माता भ्रामरी धाम को लेकर बताया जाता है कि अखंड ज्योत माता की 400 साल से जल रही है।
प्रदेश ही नहीं बल्कि देश-विदेश से श्रद्धालु पूजा को आते हैं। यहां पर नवजात शिशु के सिर के सुच्चे बाल उतरवाने, नवविवाहित गठजोड़ा की पूजा करवाने की मान्यता है। कुलदेवी की पूजा के लिए श्रद्धालु पहले नवरात्र की पूर्व संध्या पर ही मंदिर परिसर पहुंचने शुरू हो गए थे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे सहित अन्य पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
सुरक्षा की दृष्टि से पूरे मंदिर परिसर व बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है तो पुलिस प्रशासन के साथ-साथ मंदिर परिसर में सिक्योरिटी गार्ड महिला व पुरूष की ड्यूटी लगाई है ताकि श्रद्धालुओं को पूजा में परेशानी नहीं हो। मंदिर परिसर में महिलाएं माता के भजनों पर झूमी। मंदिर को फू लों के साथ सजाया गया तो यहां पर सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है।
मां भ्रामरी देवी शक्तिपीठ के संस्थापक सुरेंद्र कौशिक ने बताया कि इस बार माता हाथी के सवार होकर आई है जो व्यापार के लिए शुभ संकेत हैं। श्रद्धालुओं के लिए बस स्टैंड पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में बेरीगेटस लगाए गए है ताकि लाइन में लग कर दर्शन श्रद्धालु कर सकें।
मंदिर परिसर में दर्शन के बाद भंडारा में प्रसाद ग्रहण श्रद्धालु कर सकते है। मनोकामना पूर्ति के लिए धागा भी श्रद्धालु बांधते हैं। मनोकामना पूर्ति के बाद श्रद्धालु धागा खोलते हैं। इस मौके पर पुजारी रामनिवास कौशिक, राजेश कौशिक, नवरत्न कौशिक, पूर्व पार्षद विकास व अमित कापड़ो मौजूद रहे। संवाद