जींद। नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्वास) की टीम को नागरिक अस्पताल में सोमवार को निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलीं। टीम ने नई इमरजेंसी में शिफ्टिंग पर ही सवाल खड़े किए। इमरजेंसी में न तो दवाइयां व्यवस्थित मिली, न ही डोर ग्लास ठीक मिला।
इसके अलावा इमरजेंसी में माइनर ओटी वार्ड लास्ट में बनाने पर भी अपत्ति जताई। यहां पर टीम ने कई तरह के बदलाव करने के सुझाव दिए ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके।
इसके अतिरिक्त टीकाकरण कक्ष में टीम से बड़े साइज के फ्रीज की मांग की गई ताकि दवाइयों को ठीक से रखा जा सके। यह मानक के अनुसार नहीं था। इसके अलावा निरीक्षण में खामियां मिली, उसे तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
टीम ने स्पष्ट किया कि अस्पताल बिल्डिंग के रखरखाव को लेकर किसी तरह की कोई न रखी जाए। सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। इस निरीक्षण का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना है।
टीम ने निरीक्षण के दौरान सबसे पहले साफ-सफाई, मरीजों की दी जाने वाली सुविधाएं, इंफेक्शन कंट्रोल, रिकार्ड मेंटिनेंस, बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का निरीक्षण किया।
पिछले निरीक्षण में भी मिली थी खामियां
नागरिक अस्पताल में जुलाई में एनक्वास की टीम ने निरीक्षण किया था। उस समय काफी खामियां टीम को अस्पताल में मिली थी। इसके बाद अब अक्तूबर में टीम निरीक्षण करने के लिए पहुंची तो सबसे पहले इमरजेंसी में व्यवस्थाओं की जांच की।
चार सदस्यों की टीम ने किया निरीक्षण
एनक्वास टीम में चार सदस्यों डाॅ. गुरप्रीत, डाॅ. प्रदीप, डाॅ. विकास व रमन ने नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। इसमें डाॅ. गुरप्रीत ने ओटी व ओपीडी की जांच की। यहां पर बारिकी से निरीक्षण कर कई तरह के सुधार के सुझाव दिए। डाॅ. प्रदीप ने एमरजेंसी, ब्लड बैंक व आईसीयू का निरीक्षण किया। इन्होंने एमरजेंसी में ज्यादा खामियां मिली तो उनके सुधार के निर्देश दिए। डाॅ. विकास से एसएनसीयू, पीडिया ओपीडी का निरीक्षण किया।
वर्जन
एनक्वास टीम ने अस्पताल का निरीक्षण करके जो सुझाव दिए गए हैं। उन दिशा-निर्देशों की पालना की जाएगी ताकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके। पहले की बजाए अस्पताल में टीम को बेहतर सुधार मिले हैं। अब जो सुधार बताए गए वह पूरे करवाए जाएंगे। -डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ, नागरिक अस्पताल