संवाद न्यूज एजेंसी
जुलाना। जैजैवंती गांव में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। ग्रामीण बीते कई महीनों से बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी जुटाना मुश्किल हो गया है।
गांव में पीने के पानी की कोई स्थायी व्यवस्था न होने के कारण लोगों को या तो खेतों से पानी लाना पड़ रहा है और मजबूरी में निजी साधनों से पानी खरीदना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों तक शिकायत की लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
सरकार और प्रशासन की ओर से गांव में जलघर निर्माण की शुरुआत तो करवाई गई थी, जिससे ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही उनकी परेशानी दूर होगी। पिछले करीब 6 महीनों से जलघर का निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद पड़ा है। न तो निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है और न ही किसी अधिकारी की ओर से इसकी सुध ली जा रही है।
बता दें कि 15 फाइनेंस कमीशन के तहत जलघर का निर्माण करवाया जा रहा था। ठेकेदार की पेमेंट नहीं हुई तो उसने निर्माण कार्य करने से मना कर दिया। जैजैवंती गांव निवासी कुलदीप ने बताया कि जैजैवंती गांव में इस समय पेयजल की स्थिति बेहद चिंताजनक है। गांव में पानी की कोई नियमित सप्लाई नहीं है। मजबूरी में ग्रामीणों को खेतों से पानी ढोकर लाना पड़ता है, जो पीने के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
वहीं, कई परिवार 20 रुपये प्रति कैंपर के हिसाब से पानी खरीदने को मजबूर हैं। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
महिलाओं और बच्चों को इस संकट का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। महिलाओं को रोजाना कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि वे भी पानी लाने में हाथ बंटाने को मजबूर है।