जींद। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जिले के गांव में पेयजल और कनेक्शनों की स्थिति को जांचने के लिए सर्वे करेगा। प्रथम चरण में विभाग की तरफ से 16 गांव का चयन किया गया हैं । इन गांवों में माई भारत पोर्टल से जुड़े युवा सर्वे कर उपभोक्ताओं के कनेक्शन को वैध करने के लिए आवेदन करवाएंगे।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार रणधीर मताना ने यह बात नेहरू युवा केंद्र में स्वयं सेवी युवाओं को प्रशिक्षण देते हुए कहीं। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से प्रथम चरण में घसों, अलेवा, करेला, बहादुरगढ, दनोदा, खोखरी, धरोधी, पिल्लुखेड़ा, बराह कलां, बेलरखां, भौसंला, डाहौला, भगवानपुरा, जींद वार्ड आठ इन गांव में माई भारत पोर्टल से जुडे युवाओं से सर्वे करवाया जाएगा।
सर्वे के दौरान ग्रामीणों को कनैक्शन वैध करवाने के आवेदन और प्रक्रिया संबंधित जानकारी दी जाएगी। एक माह में सर्वे की रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ और समय पर पेयजल सप्लाई दिए जाने को लेकर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से हर वर्ष अलग-अलग योजनाओं के तहत सर्वे करवाया जाता है।
इस बार भी विभाग की तरफ से प्रथम चरण में 16 गांव में सर्वे करवाया जा रहा है। विभाग की तरफ से इस बार माई भारत पोर्टल से जुडे युवाओं के माध्यम से सर्वे करवाया जाना हैं। प्रत्येक युवा का एक-एक गांव में सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई हैं। वह गांव में डोर टू डोर अभियान चलाएगा और गांव में पेयजल की स्थिति, पानी का कनेक्शन वैध या अवैध, लीकेज या गला कनेक्शन होने के संबंध में जानकारी जुटाएंगे।
अगर कहीं पर कनेक्शन में लीकेज या दूषित पानी की सफाई आती है तो क्षेत्र संबंधित जेई को इसकी शिकायत देकर समाधान करवाया जाएगा। विभाग की तरफ से इसे पायलेट प्रोजेक्ट के तहत चलाया जाएगा। सर्वे के बाद इसके सार्थक परिणाम आए तो जिलेभर में इस अभियान को शुरू किया जाएगा।