जींद। भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां लोग धीरे-धीरे प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं, वहीं स्कीन नंबर 19 निवासी रिचा जैन ने एक अलग ही मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने घर को हरियाली और रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू से इस तरह सजाया है कि उनका आशियाना किसी खूबसूरत और शांत बगिया से कम नहीं लगता।
उनकी यह पहल न केवल पर्यावरण के प्रति लगाव को दर्शाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि सीमित स्थान में भी प्रकृति को सहेजा और संजोया जा सकता है। पांच वर्षों से बागवानी के शौक को संजोए हुए रिचा ने घर के अंदर और बाहर गमलों में फूलों और औषधीय पौधों को स्थान दिया है।
रिचा जैन बताती हैं कि उन्हें प्रकृति से विशेष लगाव है। इसी लगाव ने उन्हें पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित किया। आज उनके घर में 60 से अधिक प्रजाती के फूलदार, सजावटी और औषधीय पौधे हैं जिनकी हरियाली और खुशबू पूरे वातावरण को ताजगी से भर देती है।
घर के चारों ओर फैले पौधे न केवल सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करते हैं। उनकी बगिया में गुलाब, मोगरा, चमेली, गुड़हल सहित कई प्रकार के रंग-बिरंगे फूलों के पौधे हैं। इसके अलावा तुलसी, एलोवेरा और अन्य औषधीय पौधे भी लगाए गए हैं। इनका उपयोग घरेलू उपचार के रूप में किया जाता है।
रिचा का मानना है कि पौधे केवल सजावट का साधन नहीं बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण साथी भी हैं। विशेष बात यह है कि पौधों की देखभाल का पूरा कार्य रिचा स्वयं करती हैं। पौधों की कटाई-छंटाई, खाद डालना, पानी देना और उनकी नियमित निगरानी करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। उनका कहना है कि दिनभर के कामकाज के बाद जब वह अपनी बगिया में समय बिताती हैं तो सारी थकान दूर हो जाती है।
आसपास की कई महिलाएं भी प्रेरित हुई हैं
रिचा जैन की हरित पहल से आसपास की कई महिलाएं भी प्रेरित हुई हैं और उन्होंने अपने घरों में पौधे लगाने शुरू किए हैं। उनकी बगिया न केवल घर की सुंदरता बढ़ा रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति प्रेम का भी संदेश दे रही है।