जींद। एडिशनल सेशन जज जयबीर सिंह की अदालत ने फिरौती मांगने के आरोपी देवरड़ निवासी मांगेराम उर्फ विनोद और बुढ़ा खेड़ा लाठर निवासी राजेंद्र सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
अदालत में चले अभियोजन के अनुसार, बुढ़ा खेड़ा लाठर निवासी कुसुम ने 22 जून 2017 को एफआईआर दर्ज कराई थी। बताया कि मांगेराम जुलाना के पुराने बस स्टैंड पर खल बिनौला की दुकान चलाता है। मांगेराम ने उनसे खल की बोरियां लेने और बेचने के बाद भुगतान करने की योजना शुरू की थी।
कुसुम के पति विजेंद्र ने राजस्थान में मांगेराम की भेजी खल बेची थी। ग्रामीणों ने जब खल की जांच की तो उसमें गत्ते के टुकड़े और कीलें मिलें। ग्रामीणों ने विजेंद्र को पकड़ लिया और पीटा। इस कारण पैसे वापस करने पड़े।
विजेंद्र के बेटे ने बिना बिकी 145 बोरी खल राजगढ़ में रख दी थी। मांगेराम ने कुसुम के ससुर ऋषि प्रकाश को दुकान पर बुलाया और जबरन कार में बिठाकर राजस्थान ले गया। आरोपी ने वे 145 बोरियां दूसरे वाहन में लोड करवाकर अपनी दुकान पर मंगवा लीं।
29 मई 2017 को आरोपी मांगेराम ने ऋषि प्रकाश से 1.80 लाख रुपये की रकम के लिए उनका घर गिरवी रखवा लिया था। कुसुम ने शिकायत में यह भी बताया था कि मांगेराम ने उन्हें खराब गुणवत्ता वाली खल दी थी। पुलिस ने मामले में मांगेराम और राजेंद्र सिंह को नामजद कर अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। तभी से यह मामला अदालत में विचाराधीन था।