जींद। राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि देश की सबसे बडी प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया जाएगा। इसका पुरस्कार एक करोड़ रुपये होगा। कार्तिकेय शर्मा रविवार को ज्ञान गंगा ग्लोबल अकादमी के रविवार को वार्षिक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर डिप्टी स्पीकर डाॅ. कृष्ण मिड्ढा भी मौजूद रहे।
उन्होंने जींद के सभी स्कूलों से आह्वान किया कि इस प्रतियोगिता में भाग लें। प्रतियोगिता में जो भी स्कूल टीम जीतेगी, उसे पुरस्कार के तौर पर एक करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा और हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डाॅ. कृष्ण मिड्ढा को खुली जीप में बैठा कर कार्यक्रम स्थल तक लाया गया।
यहां राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा और डाॅ. मिड्ढा ने राधे-राधे चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा निर्मित प्रशासनिक भवन का उद्घाटन भी किया। राज्यसभा सांसद ने यहां ज्ञान गंगा केंद्र देने की घोषणा की। एआई आधारित बच्चे ज्ञान गंगा केंद्र के माध्यम से बेहतरीन शिक्षा प्राप्त कर सकें। कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में हमें मातृ शक्ति का भी ध्यान रखना है।
चाहे वो ड्रोन दीदी की बात हो, लखपति दीदी की बात हो, जिस भी तरीके से हमारी मातृशक्ति जो हमारे घर को संभालती हैं, उनकी चिंता हमें करनी है। इसीलिए उन्होंने नमो शक्ति रथ नाम से एक पहल की शुरूआत उन्होंने की है। इस रथ के माध्यम से माताओं व बहनों में गंभीर बीमारियों का उपचार किया जा सके। कैंसर से हमारी माताओं व बहनों का बचाना है।
उन्होंने कहा कि नमो शक्ति रथ एक ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य यह है कि यदि हमारी माताएं व बहनें स्वस्थ हैं तो हमारा परिवार स्वस्थ है। अगर हमारा परिवार स्वस्थ है तो हमारा देश स्वस्थ है। इसीलिए नमो शक्ति रथ की शुरूआत की है ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं से कोई भी माता या बहन वंचित न रहे। वो घोषणा करते हैं कि जींद में भी वो एक रथ भेज रहे हैं।
यहां भी जल्द ही कैंसर को लेकर माताओं व बहनों की स्क्रीनिंग शुरू होगी। राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि आज भारत की संज्ञा दुनिया में बदल गई है। इसके कारण आज दुनिया भारत को अलग तरीके से देख रही है। यह इसलिए संभव हो पाया है कि भारतीय होने पर हमें गर्व है।
आज हम जब भारत की बात करते हैं, भारत की जो उपलब्धियां हैं, भारत का जो इतिहास है, आज का भारत का युवा पूरे गर्व के साथ अपनी भारतीय होने का प्रतीक और आगे बढ़ने का फैसला करता है तो पूरी दुनिया उसे मान-सम्मान देती है। आज एआई के जमाने में बच्चों को सबसे अच्छी उत्तम शिक्षा मिले, यह प्रयास होना चाहिए। भारत को आगे ले जाने में हर बच्चे को अपना योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर राधेश्याम शर्मा, राजेश शर्मा, धर्मवीर पिंडारा, हरीराम दीक्षित मौजूद रहे।