शव दिलाने की मांग को लेकर डीसी से मिलने जाते मोरखी के ग्रामीण।
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मोरखी गांव में तीन माह पहले हुए विवाद के बाद से बीमार चल रहे 65 वर्षीय कृष्ण की शनिवार को मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल लेकर गए, जहां पर चिकित्सकों ने शव का पोस्टमार्टम करने से पहले कोरोना की जांच के लिए सैंपल लिया था। कोरोना जांच की रिपोर्ट आने से पहले चिकित्सकों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं किया। इससे परेशान परिजनों ने नागरिक अस्पताल में शव को लेने के लिए कई बार चिकित्सकों से मुलाकात की। जब शव नहीं मिला तो आहत परिजनों ने डीसी को शिकायत देकर शव ले जाने की मांग की।
डीसी को दी शिकायत में मृतक के भाई पालेराम ने बताया कि उसके भाई कृष्ण की मौत 13 जून को हुई थी। जब वह पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल गए तो चिकित्सकों ने उसकी कोरोना की जांच के सैंपल लेकर सोमवार को सुबह जांच रिपोर्ट आने के बाद शव ले जाने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि अब तक उनकी जांच रिपोर्ट नहीं आई। इसके चलते परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने डीसी से लाश दिलवाने की मांग की। उन्होंने बताया कि 10 मार्च को गांव के ही कुछ लोगों ने उसके भाई को चोट मारी थी। इसके कारण उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान ही उसकी मौत ज्यादा चोट लगने से हुई है।