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Jind News: एक माह से रची जा रही थी शराब ठेकेदार की हत्या की साजिश

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21जेएनडी25-नागरिक अस्पताल में शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते हुए परिजन। संवाद
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जींद। खरकरामजी गांव में हुई शराब ठेकेदार की हत्या के मामले में पुलिस पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। 16 दिन पहले सीआईए सफीदों ने दो युवकों को तीन अवैध पिस्तौल और सात कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था।
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उन्होंने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह शराब ठेकेदार वीरेंद्र उर्फ बिंद्र की हत्या के इरादे से आए थे, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया था। पुलिस को जानकारी होने के बाद भी शराब ठेकेदार की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे शराब ठेकेदार की पुलिस लापरवाही से जान चली गई।
पुलिस ने मामले को गैंगवार बताया है। मृतक वीरेंद्र के खिलाफ भी 9 केस दर्ज हैं। इसमें एक हत्या का मामला और एक हत्या के प्रयास का मामला भी शामिल है।

मृतक के साथी के पीछे भागे थे हमलावर
वारदात के समय ठेके पर ठेेकेदार के साथ गांव का मोहित भी बैठा हुआ था। हमलावरों ने वीरेंद्र पर हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। इस दौरान मोहित ठेके से खेतों की तरफ भाग गया था। उसी समय आरोपियों ने कार से मोहित का पीछा किया, लेकिन कार मकान के बाहर चबूतरे पर जा टक्करा गई, जिससे वह रुक गई और मोहित की जान बच पाई।
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पेट्रोल खत्म हुआ तो दूसरी बाइक छीनकर भागे

शुक्रवार को शराब ठेकेदार की हत्या करने के बाद तीनों आरोपी कार से फरार हो गए थे, लेकिन उनकी कार सड़क किनारे मकान के बाहर बने चबूतरे से टकरा गई, जिससे वह क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गई और फिर स्टार्ट नहीं हुई। इसके बाद तीनों आरोपी कार छोड़कर भाग निकले। उन्होंने कुछ ही दूरी पर दो लोगों से पिस्तौल के बल पर बाइक छीन ली। वह एक ही बाइक पर सवार होकर चाबरी गांव की तरफ भाग गए। चाबरी गांव के पास पहुंचते ही बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया। इसके बाद उन्होंने फिर से एक युवक से बाइक छीन ली और फिर फरार हो गए।

शराब ठेकेदार से चली आ रही रंजिश

कई सालों से साहनपुर गांव के शराब ठेकेदार की मृतक वीरेंद्र उर्फ बिंद्र के परिवार से रंजिश चली आ रही है। करीब एक साल पहले पिंडारा पुल के पास तीन-चार गाड़ियों में आए बदमाशों ने वीरेंद्र पर फायरिंग की थी, लेकिन उस समय वह बच गया था। इसके बाद खरकरामजी गांव के शराब ठेेके पर वीरेंद्र के साथ मारपीट की गई थी। छह महीने पहले साहनपुर के शराब ठेकेदार के पिता पर हमला हुआ था। इस हमले के आरोप मृतक वीरेंद्र पर लगे थे। पिछले कुछ समय से साहनपुर का शराब ठेकेदार भी एक मामले में जेल में गया था और वहां पर मृतक का भाई शीला भी हत्या के मामले में बंद है। उनका जेल के अंदर भी झगड़ा हुआ था। इस हत्याकांड की वजह साहनपुर शराब ठेकेदार के साथ चली आ रही रंजिश भी बताई जा रही है।
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