जींद। एडिशनल सेशन जज नेहा नौरिया की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी सुरेंद्र उर्फ टेंडर को बरी कर दिया। यह मामला साल 2023 से अदालत में चल रहा था। से मुकरने के कारण अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार लखमीरवाला निवासी मोहित ने पुलिस एफआईआर में बताया था कि आठ जून 2023 को उनका बड़ा भाई टोनू गलत संगत के कारण नशा करने लगा था। उनके भाई टोनू को गांव का ही सुरेंद्र उर्फ टेंडर ड्रग्स देता था। वह दोनों अशरफगढ़ निवासी मक्कू और बोहतवाला निवासी रामकुमार से स्मैक और चिट्टा खरीदते थे।
टेंडर से कहा था कि वह उनके भाई टोनू से न मिले लेकिन फिर भी वह टोनू को स्मैक देता था। पिछले 3-4 दिनों से टेंडर टोनू को ड्रग्स के इंजेक्शन देने लगा था।
टोनू सात जून को टेंडर के घर गया था। जब टोनू वापस नहीं आया तो वह अपने चाचा जगदीश के साथ टेंडर के घर गए जहां टोनू चारपाई पर मृत पड़ा मिला। पूछताछ करने पर टेंडर ने बताया कि टोनू को चिट्टा वाले दो इंजेक्शन लगाए थे। इंजेक्शन और सिरिंज चारपाई के पास ही पड़े थे।
पुलिस ने मामले में सुरेंद्र उर्फ टेंडर, मक्कू, रामकुमार, सुनील कुमार और जैला के खिलाफ गैर इरादतन के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाकर अदालत में पेश किए।
पुलिस ने जांच में मक्कू, रामकुमार, सुनील कुमार और जैला को मामले से निकाल दिया गया था। अब अदालत में शिकायतकर्ता मोहित ने बयान दिए कि उनके बड़े भाई की मौत में सुरेंद्र उर्फ टेंडर की कोई भूमिका नहीं है। एडिशनल सेशन की अदालत ने आरोपी सुरेंद्र उर्फ टेंडर को बरी कर दिया।