जींद। सफीदों-गोहाना मार्ग स्थित गांव कारखाना में करीब साढ़े चार माह पहले हुए रुबल की हत्या के मामले में पुलिस अभी तक भी खुलासा नहीं कर पाई है। पीड़ित परिवार पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट है। मृतक रुबल की विधवा मां ने पुलिस पर सबूत मिटाने के भी आरोप लगाए हैं।
मामले की जांच को लेकर 30 दिसंबर को राज्यपाल हरियाणा सरकार, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डीजीपी हरियाणा को भी शिकायत भेजी गई थी।मंगलवार को पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ित परिजन सरपंच प्रतिनिधि सुमित की अगुवाई में डीएसपी गौरव शर्मा से मिले और सीबीआई से जांच कराने की मांग की।
परिजनों ने आरोप लगाया कि डीएसपी ने उन्हें कोई संतुष्ट जवाब नहीं दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले के आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
मृतक रुबल की मां कमला, एडवोकेट राजू, मेहर सिंह, राममेहर, लोकु, जयप्रकाश शर्मा, प्रवीन, राजबीर, रणवीर आदि ने जानकारी देते हुए बताया कि रुबल कमला का इकलौता बेटा था और उसकी पांच अक्टूबर 2025 को हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और शिकायत उच्च अधिकारियों से की तो 4 नवंबर को हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम के समय चिकित्सकों ने रुबल की हत्या कर शक जताया था। शरीर पर चोटों के निशान थे। जिसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल रेफर किया गया लेकिन पुलिस ने धारा 194 बीएनएस में खानापुर्ति की कार्रवाई की।
परिजनों ने कहा कि हत्या के बाद रुबल के विसरा रिपोर्ट को पुलिस ने उसी दिन प्राप्त किया था और विसरा को सुनारिया एफएस लैब नहीं भेजा। फिर मामले की शिकायत डीजीपी, एसपी, सफीदों से की। इसके बाद 25 दिन बाद 30 अक्टूबर 2025 को बेटे की विसरा रिपोर्ट एफएस लैब सुनारिया भेजा गया। 25 दिसंबर को पुलिस ने भी विसरा रिपोर्ट प्राप्त कर ली है। अब तक पुलिस ने हत्या मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई।
वर्जन
पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है। मामले की जांच जारी है। जल्द ही इस मामले में खुलासा किया जाएगा।
-गौरव शर्मा डीएसपी सफीदों।