फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहली से पांचवीं कक्षा तक के चल रहे स्कूलों पर नजर रखेगी कमेटी

विज्ञापन
बैठक में मौजूद खंड शिक्षा अधिकारी। संवाद। - फोटो : Jind
विज्ञापन
पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने के मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को जांच कमेटी के सदस्यों ने शिकायत के आधार पर नरवाना रोड स्थित एक निजी स्कूल का निरीक्षण किया तो वह बंद मिला।
विज्ञापन

इस मामले को लेकर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सदानंद वत्स ने बुधवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की। स्कूलों के चलने के मामले की जांच को लेकर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने हर खंड में कमेटी बनाने के आदेश दिए हैं। अब कमेटी के सदस्य पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। खंड शिक्षा अधिकारी कमेटी के सदस्यों से रिपोर्ट लेंगे। एक कमेटी में तीन सदस्य होंगे। हर ब्लॉक में जांच के लिए कमेटी बनाई गई हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को एक सामाजिक शिक्षा संगठन ने पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल में बुलाए जाने की शिकायत की थी। शिकायत में चार स्कूलों को नामजद करते हुई शिकायत दी गई थी। मंगलवार को राजकीय अवकाश के चलते सभी स्कूल बंद रहे। शिकायत मिलने पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने बुधवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठकर कर ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए जो पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल बुला रहे हैं। इसके लिए कमेटी बनाई गई है। वहीं निजी स्कूल संचालकों के पास यह जानकारी मिलने पर वह भी हरकत में आ गए हैं। विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए स्कूल संचालकों ने विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने से मना कर दिया है। इसका एक उदाहरण बुधवार को देखने को मिला। नरवाना रोड स्थित एक स्कूल खुलने की शिकायत अधिकारियों को दी गई थी। जब कमेटी के सदस्य स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे तो वह बंद मिला।
विज्ञापन

जानकारी के लिए शिक्षा विभाग ने अभी पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूल खोले जाने को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई आदेश जारी नहीं किया है। उसके बावजूद कुछ निजी स्कूल संचालक पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल में बुलाकर नियमोें की अवहेलना की जा रही है। इसके बारे में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के पास एक सामाजिक स्कूल संगठन द्वारा शिकायत भेजी गई। संगठन सदस्यों ने यह शिकायत शिक्षा निदेशक पंचकूला को भी भेजी है। विभाग के अधिकारियों को दी शिकायत में संगठन सदस्यों ने ऐसे स्कूल संचालकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाने की मांग की है। इसके लिए अब शिक्षा अधिकारी जांच में लग गए हैं। शिकायत में जिन स्कूलों की शिकायत दी गई है, उन स्कूलों की जांच के साथ-साथ अधिकारी कमेटी बनाकर अन्य स्कूलों की भी जांच करेंगे।
बुधवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के साथ कार्यालय में बैठक थी। जिसमें ऐसे स्कूल संचालकों की पकड़ के लिए रणनीति बनाई गई है, जो पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल बुला रहे हैं। बुधवार को जींद ब्लॉक में कमेटी सदस्यों ने नरवाना रोड स्थित एक निजी स्कूल का निरीक्षण किया था, जो बंद मिला। जांच जारी रहेगी। अगर कोई पहली से पांचवीं कक्षा का स्कूल खुला मिला तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सुशील कुमार जैन, खंड शिक्षा अधिकारी जींद।
प्राइमरी तक के स्कूल भी खोले शिक्षा विभाग : वत्स
फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल संघ ब्लॉक उचाना के प्रधान नरेंद्र वत्स ने कहा कि शिक्षा विभाग को चाहिए कि वह प्राइमरी तक के स्कूलों को भी खोलने का आदेश दे। इसको लेकर संघ प्रदेश के शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन भी भेजेंगे। उन्होंने कहा कि छठी से लेकर 12वीं कक्षा तक के स्कूल खुल रहे हैं। सरकार की जो भी हिदायतें हैं उनका पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब स्कूल छठी से 12वीं तक खुल रहे हैं तो प्राइमरी तक के स्कूल भी खुलने चाहिए। अभिभावक इसको लेकर बार-बार स्कूल संचालकों के पास आ रहे हैं। जब अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हैं तो शिक्षा विभाग को भी प्राइमरी तक स्कूल खोलने चाहिए। इस मौके पर पूर्व जिला प्रधान राजेश मौण, संजय शर्मा, बिजेंद्र बूरा, वीरेंद्र बूरा, बलजीत सिंह व अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें