संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को खटकड़ और बद्दोवाल टोल पर किसानों का धरना जारी रहा। वहीं 18 फरवरी को कृषि कानूनों के विरोध में किसान 12 बजे से लेकर शाम चार बजे तक जिले में रेलवे ट्रैक जाम करेंगे। धरने के दौरान इसको लेकर योजना बनाई गई।
खटकड़ टोल के पास बरसोला गांव के पास रेलवे ट्रैक जाम किया जाएगा। इसे लेकर किसानों ने रणनीति तय की। पहले किसान खटकड़ टोल पर दिए जा रहे धरने पर पहुंचेंगे। यहां से पौने बाहर बजे बरसोला रेलवे ट्रैक को जाम करने के लिए निकलेंगे। यहां पर चार घंटे तक ट्रैक को जाम रखकर कृषि कानूनों का विरोध करेंगे। इस दौरान अगर कोई ट्रेन आती है तो यात्रियों के लिए चाय, पानी और लंगर की व्यवस्था करेंगे। बुधवार को धरने की अध्यक्षता कैप्टन सज्जन सिंह ने की। खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान बरसोला ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह अपनी जिद को छोड़े।
रेल रोको अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे किसान: श्योकंद
अखिल भारतीय किसान सभा की बैठक जिला प्रधान रोहताश नगूरां के नेतृत्व में हुई। राज्य प्रधान फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाते हुए किसानों पर झूठे केस दर्ज कर रही है। यहां तक कि कर्मचारियों को भी धमकी दी जा रही है। किसान जन जागरण चलाकर प्रदेश के किसानों को आंदोलन के प्रति जागरूक कर किसान-मजदूर एकता को बढ़ाने पर जोर देगी।
उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों का केवल किसानों पर ही नहीं, बल्कि मजदूर वर्ग समेत आम उपभोक्ता पर भी असर पड़ेगा। किसान सभा ने आह्वान किया कि सभी संगठन मिलजुलकर गांव में संघर्ष कमेटी का निर्माण करेंगे। किसान सभा ने 18 फरवरी के रेल रोको अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह, हरविंद्र सिंह, राजकुमार, वीरेंद्र सिंह, ज्ञानी राम, बलवीर, होशियार सिंह व सुरेश मौजूद रहे।
आज दिल्ली-बठिंडा रेलवे ट्रैक पर धरना देंगे किसान
नरवाना। बद्दोवाल टोल पर नरवाना हलके के किसानों का धरना जारी है। धरने में पुरुष व महिला किसानों की भागीदारी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हर रोज की तरह बुधवार को भी पांच महिलाओं ने क्रमिक अनशन किया। किसान नेताओं ने संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 18 फरवरी को रेलवे रोकने की रणनीति तैयार की।
किसान नेता बलवीर ने बताया कि नरवाना के किसान हिसार-चंडीगढ़ बाईपास पर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे दिल्ली-बठिंडा रेल लाइन पर चार घंटे धरना देंगे।
उन्होंने बताया कि उनका मकसद सरकार को संदेश देना है और उसी के तहत पूरे प्रदेश में 12 से 4 बजे तक रेल रोकने का एलान किया गया है। किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन का असर पूरे देश में देखा जा सकता है। पंजाब के निकाय चुनावों में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है। किसानों ने आगाह किया कि अगर देश व प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों की अनदेखी करती है तो वह दिन दूर नहीं जब देश से भाजपा सरकार का सूपड़ा साफ हो जाएगा।
वक्ता नरेश दनोदा ने महिलाओं से घूंघट प्रथा त्यागने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन ने गांव की महिलाओं का एक मंच दिया है। जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर भाषण दे रही है, लेकिन इससे पहले घूंघट प्रथा को त्यागना जरूरी है। बता दें कि बद्दोवाल टोल पर महिलाओं की भागीदारी ज्यादा है और हर रोज दो दर्जन से ज्यादा महिलाएं गीतों व भाषणों से आंदोलन में जोश भरती हैं।
खटकड़ टोल पर बैठे किसान। संवाद- फोटो : Jind