नरवाना। जिला नगर आयुक्त (डीएमसी) सुरेंद्र दुहन ने शहर के कई वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान जगह-जगह फैले कचरे व नालों में गंदगी देखकर नगर परिषद अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने शाम के समय नगर परिषद कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की हाजिरी भी ली जिसमें कई कर्मचारी बिना सूचना के गैरहाजिर पाए गए। इस पर आयुक्त ने अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
दिशा समिति की बैठक में सिरसा सांसद कुमारी शैलजा द्वारा नरवाना शहर की गंदगी और बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर सांसद द्वारा जताई गई। नाराजगी के बाद वीरवार को जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र दुहन स्वयं नरवाना पहुंचे और शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।
बीते मंगलवार को हुई बैठक में नरवाना नगर पार्षद आशुतोष शर्मा ने सांसद को शहर की सफाई की दुर्दशा से अवगत कराया था। सांसद ने कहा था कि वे स्वयं नरवाना होकर आई हैं और शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर और गंदगी के ढेर देखे हैं।
उन्होंने नगर परिषद और जिला प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को चेताया था कि ऐसी स्थिति अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सांसद की इस फटकार के बाद हरकत में आए प्रशासन ने वीरवार को नरवाना शहर में सफाई अभियान की समीक्षा की।
डीएमसी ने कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सचिव और दोनों सफाई निरीक्षकों से शहर की सफाई की दुर्दशा पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं शहर में चल रहे विकास और निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया और सफाई व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर परिषद नरवाना में परिवार पहचान पत्र, सफाई व्यवस्था और गलियों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से पूरे जिले की शहरी और ग्रामीण सफाई व्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट जल्द देने के निर्देश दिए थे।
वर्जन
औचक निरीक्षण में शहर में मौका मुआयना किया गया। वही, नगर परिषद कार्यालय में जो कर्मचारी गैर हाजिर पाए गए उनसे जवाब मांगा गया और जो समय से नहीं आते उनको सख्त हिदायत दी गई है कि यदि वह गैर हाजिर यह समय से नहीं आते तो उनकी सैलरी काटी जाएगी।–सुरेंद्र दूहन, डीएमसी, जींद