संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। पिछले चार दिन से जिले में वायु प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। तीन दिन से एक्यूआई 400 से कम नहीं हो रहा है। दिनभर यह कभी 400 के पार तो कभी 350 तक पहुंच जाता है। शाम को साढ़े छह बजे भी एक्यूआई पीएम 2.5 का दायरा 354 रहा। दोपहर को 12 बजे यह 408 तक पहुंच गया था। रविवार को सुबह आठ बजे एक्यूआई 302 तक आया था, उसके बाद यह लगातार बढ़ता गया। वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण लोगों को सांस लेने में समस्या हो रही है। यदि इसी प्रकार वायु प्रदूषण जारी रहा तो लोगों को सांस के साथ-साथ त्वचा संबंधी रोग भी हाेने लगेंगे।
इस समय वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण ठंड का धीरे-धीरे बढ़ना बताया जा रहा है। जो भी धूल कण, धुएं के कण तथा धान की कटाई करने वाली मशीनों से जो कण उत्पन्न होते हैं, वह वायुमंडल से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। ठंड के प्रभाव में आने के कारण यह प्रदूषित कण भारी होकर धरती की तरफ आ रहे हैं। इससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। जो लोग पहले ही सांस की बीमारियों से पीड़ित हैं, उनको ज्यादा परेशानी आ रही है। स्वस्थ व्यक्ति भी इस समय बीमारी की चपेट में आ सकता है। चिकित्सकों के अनुसार लोगों को फेफड़ों संबंधी विकार हो सकते हैं। इसलिए हर किसी को इस समय मास्क लगाए रखने की जरूरत है। बुजुर्गों को तो घर से बाहर ही नहीं निकलना चाहिए। उनको अपने कमरे के चारों तरफ कपड़े लगाए रखने चाहिएं ताकि जो वायु उन तक पहुंच रही है, वह और अधिक साफ हो सके।
वायु प्रदूषण से होने वाले प्रभाव
नागरिक अस्पताल में तैनात फिजिशियन डॉ. विनिता ने कहा कि हवा में अवांछित गैसों की उपस्थिति से मनुष्य, पशुओं तथा पक्षियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे दमा, सर्दी-खांसी, अंधापन, शरीर का कमजोर होना, त्वचा रोग जैसी बीमारियों पैदा हो सकती हैं। यदि लगातार वायु प्रदूषण बना रहे तो यह काफी यह घातक भी हो सकती है। वायु प्रदूषण से आंखों में जलन होती है। आंखों में सूजन भी आ सकती है और लगातार इस प्रकार की प्रक्रिया व्यक्ति को अंधा भी कर सकती है। वायु प्रदूषण के कारण कैंसर जैसे रोग भी हो सकते हैं। वायु प्रदूषण के कारण पृथ्वी का तापमान बढ़ता है, क्योंकि सूर्य से आने वाली गर्मी के कारण पर्यावरण में कार्बन डाईऑक्साइड, मीथेन तथा नाइट्रेट ऑक्साइड का प्रभाव कम नहीं होता है, जोकि बहुत हानिकारक है।
प्रशासन की लापरवाही वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार
जींद विकास संगठन के अध्यक्ष डाॅ. राजकुमार गोयल ने वायु प्रदूषण पर गहरी चिंता जताई है। गोयल ने कहा कि सरकार और प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार है और अगर यही हाल रहा तो एक दिन लोग अस्थमा के मरीज बन कर रह जाएंगे। गोयल ने मांग की है कि शहर में सड़कों पर लगातार पानी का छिड़काव किया जाए। पेड़-पौधों पर पानी का छिड़काव किया जाए। दिल्ली जैसे क्षेत्र में भी जींद से कम प्रदूषण है। जींद में कोई बड़ी फैक्टरियां नहीं है। शहर की टूटी सड़कों के कारण धूल के गुब्बार उड़ते रहते हैं, लेकिन सरकार व प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। प्रशासन की लापरवाही के कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
नगर परिषद को आदेश जारी किए गए हैं, पानी का छिड़काव किया जाएगा। हर किसी को जिम्मेदारी समझनी होगी, तभी वायु प्रदूषण कम होगा।
मोहम्मद इमरान रजा, डीसी।
29जेएनडी40 : सुबह के समय वायु प्रदूषण के कारण छाए स्मॉग में ढका शहर का रानी तालाब। संवाद